हरियाणा में मुख्यमंत्री मनोहर लाल के जल संरक्षण मुहिम के परिणाम सामने आने लगे हैं। सीएम की पहल पर शुरू हुई मुहिम में बिजली-पानी की चोरी में 6 जिले के हरियाणवी सबसे आगे मिले हैं। अब तक सूबे में 24 हजार 187 शिकायतें थानों में दर्ज की गई हैं। अब इस खुलासे के बाद सरकार इन जिलों में सख्ती बढ़ाने जा रही है।सीएम की इस मुहिम को राज्य भर में IGP राजेंद्र कुमार की देखरेख में शुरू किया गया है। इसको लेकर समीक्षा बैठक की गई।

बिजली व नहरी पानी की चोरी में हिसार, फरीदाबाद, रोहतक, जींद, करनाल और रेवाड़ी जिले सबसे ऊपर हैं। सरकार अब इन जिलों में सख्ती बढ़ाएगी। बिजली-पानी चोरी रोकने के लिए प्रदेश में बिजली-पानी के 8 थाने खोले गए है। एक यूनिट बिजली बनाने में 850 ग्राम कोयला और 1.8 लीटर पानी की जरूरत होती है, इसलिए पानी व बिजली की महत्ता को समझते हुए बिजली-पानी थानों की पुलिस को इनकी चोरी रोकने के लिए सक्रिय हो जाने को कहा गया है।

IGP राजेंद्र कुमार ने संबंधित जिलों के थाना प्रभारियों को इन जिलों में बिजली व नहरी पानी की चोरी रोकने का अभियान सख्ती से चलाने के निर्देश दिए हैं। रिव्यू मीटिंग में बताया गया कि 1 जनवरी से 30 अप्रैल तक हरियाणा के सभी जिलों में नहरी पानी चोरी की 311 शिकायतें दर्ज की गई, जिसमें सर्वाधिक 149 शिकायतें हिसार बिजली पानी थाना में दर्ज हुई हैं।

हरियाणा के कुछ जिले ऐसे भी हैं, जहां एक भी बिजली-पानी चोरी के मामले सामने नहीं आए हैं। इनमें सूबे के गृह मंत्री अनिल विज का गृह जिला अंबाला भी शामिल है। इसके अलावा गुरुग्राम जिले के थानों में भी पानी चोरी की एक भी शिकायत दर्ज नहीं हुई है। बिजली- पानी चोरी के मामलों में फरीदाबाद, रोहतक, जींद सहित करनाल और रेवाड़ी जिले में भी शिकायतें मिली हैं।

अब तक बिजली चोरी के कुल 24 हजार 187 मामले दर्ज किये गये है,

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