हरियाणा वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन के पूर्व प्रबंध निदेशक और रोहतक मंडल आयुक्त IAS संजीव वर्मा को सरकार ने झटका दे दिया है। IAS अशोक खेमका के द्वारा 12 साल पहले दर्ज कराए मामले में पुलिस ने भ्रष्टाचार निरोधक कानून (PC एक्ट) की धारा जोड़ दी है, जिसके बाद अब संजीव वर्मा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

संजीव वर्मा मामले में पीसी एक्ट की धारा जोड़ने के लिए फाइल हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज के पास जुलाई में ही फाइल पहुंची थी। इस पर विज ने लिखा था कि इसमें पहले से ही IPC की धारा लगी हुई हैं, इसलिए मंजूरी की जरूरत नहीं है। इसके बाद हरियाणा पुलिस ने भ्रष्टाचार की धारा जोड़ दी है। हालांकि विज की यह नोटिंग अब सामने आई है।

आईएएस अशोक खेमका ने संजीव वर्मा के खिलाफ पंचकूला सेक्टर पांच थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें संजीव वर्मा के खिलाफ खेमका ने उत्पीड़न व मानहानि करने के आरोप लगाए थे। इससे पहले IAS वर्मा ने खेमका के खिलाफ वेयर हाउस में हुए भर्तियों में गड़बड़ी किए जाने के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। 12 साल पहले खेमका वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन में कार्यरत थे।

संजीव वर्मा ने 12 साल पहले हुई भर्तियों के मामले में खेमका के खिलाफ केस दर्ज कराया था। इसमें भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा भी शामिल थी। हरियाणा सरकार ने खेमका को राहत देते हुए कोर्ट में यह कहा था कि पंचकूला पुलिस को खेमका के विरुद्ध भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा के तहत मुकदमा दर्ज करने से पहले सरकार की मंजूरी लेनी जरुरी थी।

रोहतक मंडलायुक्त संजीव वर्मा का इस मामले में कहना है कि मेरे पास वेयर हाउस में हुई भर्तियों संबंधी सभी साक्ष्य मौजूद हैं। सरकार चाहे तो दोनों मुकदमों की सीबीआई जांच करा ले। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा जुड़ने पर उन्होंने कहा कि यह किसी के दबाव में किया गया है। इसकी जांच होनी चाहिए।

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