रोहतक में 2 महीने पहले जहर खाने से हुई नाबालिग लड़की की मौत के मामले में पुलिस ने उसकी मां, मामा और नानी के खिलाफ केस दर्ज किया है। मृतका अपनी मां के साथ अपनी नानी के घर रहती थी। पिता ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी और उसके घर वाले पैसे के लिए उसकी बेटी को बेचना चाहते थे। पैसों के लालच में उसकी बड़ी उम्र के व्यक्ति के साथ शादी कराने का दबाव बना रहे थे। जब उसकी बेटी ने शादी करने से मना का दिया तो तीनों ने उसे जहर पिला दिया।

गांव लाखनमाजरा निवासी अशोक कुमार ने बताया कि उसकी शादी साल 2004 में गांव बलियाना निवासी सुशीला के साथ हुई थी। शादी के बाद उनको 3 बच्चे हुए। बड़ी लड़की करीब 17 वर्षीय खुशी, दूसरे नंबर की लड़की करीब 15 वर्षीय काफी उर्फ तन्नू व सबसे छोटा बेटा करीब 12 वर्षीय दीपक है।

अशोक ने कहा कि उसकी पत्नी सुशीला के साथ उसकी अनबन थी। जिसके कारण उसकी पत्नी उसे छोड़कर तीनों बच्चों सहित अपने मायके चली गई। पिछले करीब 6 साल से वह अलग रहती है और तीनों बच्चे भी उसके साथ ही रहते हैं। यहां तक कि बच्चों से बातचीत भी नहीं होने देती।

सुशीला ने घरेलू हिंसा का केस भी दर्ज करवाया। वहीं खर्चे का केस भी लगाया। जिसके बाद 7 हजार रुपए प्रति माह खर्च बांधा गया था। जो बढ़कर 9 हजार रुपए हो गया था। अशोक ने कहा कि उसकी सास का चरित्र ठीक नहीं है। यहां तक कि उसे तीनों बच्चों से अलग कर दिया और मिलने भी नहीं देते।

अशोक ने आरोप लगाया कि उसकी सास बेदो, पत्नी सुशीला व साले संदीप ने मिलकर उसकी नाबालिग बेटी काफी की शादी पैसों में करवा रहे थे। पैसे लेकर किसी बड़े उम्र के व्यक्ति से शादी करने के लिए काफी पर दबाव बना रहे थे। लेकिन काफी ने उनकी एक बात नहीं मानी और इस बात का विरोध भी किया।

अशोक ने आरोप लगाया कि जब काफी ने उनकी बात नहीं मानी तो बेदो, सुशीला व संदीप ने मिलकर 8 नवंबर को जबरन उसे जहर पिला दिया। जिसके बाद उसे दिल्ली बाइपास स्थित एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया। जहां 10 नवंबर को उसकी मौत हो गई। जिसके बाद उसकी बड़ी बेटी ने पिता के पास फोन करके इसकी सूचना दी।

बेटी की मौत की सूचना पाकर अशोक गांव से पंचायत लेकर पहुंचा। जहां आरोपी उसकी बेटी का बिना पोस्टमार्टम करवाए ही दाह संस्कार करना चाहते थे। लेकिन उसने रोहतक पीजीआई में पोस्टमार्टम करवाया। उन्होंने शक जताया कि अब उसकी बड़ी बेटी खुशी व बेटे दीपक को भी जान का खतरा है। आरोपी उसे बार-बार जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।

अशोक कुमार ने कहा कि वह अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए पिछले करीब 2 माह से चक्कर काट रहा है। पुलिस कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों तक मिल चुका है। यहां तक कि एसपी से भी दो-तीन बार मिला। अब जाकर FIR दर्ज की है। उन्होंने मांग की कि इस मामले की निष्पक्ष जांच करके उसकी बेटी को न्याय दिलाया जाए।

IMT पुलिस थाना के जांच अधिकारी SI सुखबीर सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद डॉक्टरों ने भी जहरीले पदार्थ के सेवन से मौत बताई है। हालांकि स्पष्ट कारणों का पता सैंपलों की रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा। फिलहाल नाबालिग के पिता के बयान दर्ज किए हैं। जिसके आधार पर मृतका की मां, मामा व नानी के खिलाफ मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी।

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