रोहतक में डेंगू का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। नवंबर महीना पीक होने के कारण लगातार मरीज सामने आ रहे हैं। डेंगू मरीजों की संख्या 210 पहुंच चुकी है जो चिंताजनक है। हालांकि पिछले साल के मुकाबले यह आंकड़ा जरूर कम है, लेकिन सावधानी बरतनी जरूरी है।
रोहतक जिले में अब तक कुल 210 डेंगू के मरीज मिल चुके हैं, जबकि पिछले साल कुल 469 केस थे। पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार काफी कम डेंगू मरीजों की संख्या है। नवंबर महीना सीजन का पीक है। इसलिए आगामी दिनों में डेंगू का प्रकोप कम रहेगा।
मलेरिया की बात करें तो इस बार कुल 3 मरीज मिले हैं। हालांकि पिछले वर्ष एक भी मलेरिया का मरीज नहीं था। जिससे साफ है कि इस बार पिछले वर्ष के मुकाबले मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। जो चिंताजनक भी है। जबकि चिकनगुनिया की बात करें तो एक भी केस सामने नहीं आया है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा मच्छर के लार्वा की जांच के लिए सर्वे किए जा रहे हैं। इस दौरान जहां कहीं भी मच्छर का लार्वा मिलता है तो उसे नोटिस दिया जाता है। अब तक जिले में कुल 5785 लोगों को नोटिस दिया गया है। जबकि पिछले वर्ष 5722लोगो को नोटिस दिए गए थे। जिससे साफ है कि पिछले वर्ष से भी अधिक जगह लार्वा मिला है।
– अपने आसपास पानी को खड़ा न रहने दें।
– पूरी बाजू के कपड़े पहनकर रखें, बाहर आने-जाने पर विशेष ध्यान रखें।
– जहां पानी खड़ा हो उसमे काला तेल डाल दें।
– कूलर को खाली करें और उसे कपड़े से साफ करके एक तरफ रखवा दें।
– फ्लॉवर पोट, पक्षियों के लिए रखे बर्तन, फ्रीज की ट्रे आदि को समय-समय पर खाली करते रहें।
– सिर दर्द
– मांसपेशियों, हड्डियों और जोड़ों में दर्द।
– बेचैनी होना।
– उल्टी आना
– आंखों के पीछे दर्द
– ग्रंथियों में सूजन
– त्वचा पर लाल चतके होना।
