हरियाणा में JJP-BJP गठबंधन में कुछ सही नहीं चल रहा है। दोनों दलों के बीच पिछले कुछ दिनों से अंदरूनी कलह चल रही है। जिसके बाद जननायक जनता पार्टी (JJP) के महासचिव दिग्विजय चौटाला खुलकर सामने आ गए हैं। उन्होंने आदमपुर उपचुनाव में BJP के पोस्टरों में जजपा नेताओं के फोटो न होने पर कड़ी आपत्ति जताई।
दिग्विजय का कहना है कि उपचुनाव को लेकर दिल्ली में संसदीय बोर्ड की मीटिंग बुलाई गई है। वहीं इस पर फैसला लिया जाएगा। इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष अजय चौटाला के साथ डिप्टी CM दुष्यंत चौटाला भी मौजूद रहेंगे।
दिग्विजय चौटाला ने कहा कि हरियाणा में जननायक जनता पार्टी का अपना एक मज़बूत आधार है। अभी तक राज्य में पिछले जितने भी चुनाव हुए हैं, उनमें पड़े वोटों में वह आधार दिखाई भी देता है। महासचिव ने कहा कि आने वाले चुनावों में भी वह आधार व्यर्थ नहीं जाएगा। JJP जहां है, वह आधार वहीं दिखाई देगा।
गठबंधन को लेकर यूं ही राजनीतिक चर्चाएं नहीं हो रही हैं। इसके पीछे की ठोस वजहें भी हैं। त्रिपुरा के पूर्व CM और हरियाणा में पार्टी के स्टेट इंचार्ज बिप्लब देब हरियाणा दौरे पर आए। उन्होंने निर्दलीय विधायकों से वन टू वन मीटिंग की। अब तक वह 6 निर्दलीय विधायकों से मिल चुके हैं। इसे भाजपा के मिशन 2024 साधने के साथ जजपा पर दबाव बनाने की राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
भाजपा के खिलाफ तेवर दिखाने में जजपा भी पीछे नहीं है। पार्टी में हो रही टूट फूट पर डिप्टी CM दुष्यंत चौटाला भी बड़े एक्शन ले रहे हैं। उन्होंने पार्टी विधायक राम निवास सुरजाखेड़ा को BJP प्रेम के चलते हरियाणा खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के चेयरमैन पद से हटा दिया।
सुरजाखेड़ा ने निकाय चुनाव में पार्टी से नाराजगी जाहिर करते हुए कहा था कि उनके क्षेत्र में होने वाले विकास कार्य CM मनोहर लाल करवा रहे हैं। इससे पहले उन्होंने नरवाना से निर्दलीय चुनाव जीती चेयरपर्सन को उनके पति और अन्य पार्षदों के साथ भाजपा में शामिल करवाया था।
हरियाणा में JJP के साथ गठबंधन सरकार चल रही बीजेपी 16 सितंबर को एक बड़ा झटका दे चुकी है। जजपा के संस्थापक सदस्य और डिप्टी CM दुष्यंत चौटाला के विशेष सचिव रहे महेश चौहान सहित 150 जजपा नेताओं तथा कार्यकर्ता को पार्टी छोड़ बीजेपी में शामिल हो गए। इनमें कई हलका अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, जिला कार्यकारिणी सदस्य शामिल थे।
