रेवाड़ी में नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी (EO) केके यादव को स्टेट विजिलेंस ब्यूरों टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। केके यादव पर अंबाला कैंट नगर परिषद में सचिव रहते हुए कैंट एरिया की अनप्रूवड कॉलोनी में नो ड्यूज सर्टिफिकेट (NDC) जारी करने का आरोप है। उनकी नियुक्ति करीब एक माह पहले ही रेवाड़ी में हुई थी। मामले में चार आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।

मिली जानकारी के अनुसार, EO केके यादव वर्ष 2013-14 में अंबाला कैंट नगर परिषद में सचिव के पद पर कार्यरत थे। उस वक्त केके यादव ने अनप्रूवड कॉलोनियों में सैकड़ों एनडीसी जारी की थी। इसमें नगर परिषद के 4 अन्य कर्मी भी शामिल थे। परिषद से एनडीसी जारी होने के बाद कैंट तहसील में भी पैसों का खूब खेल चला और अफसरों ने मिली भगत करके लोगों के प्लाटों की रजिस्ट्रियां कर दी। इस मामले में कैंट के एक पूर्व पार्षद ने आवाज उठाई और मामला चंडीगढ़ पहुंचा, जिसके बाद विजिलेंस ने जांच शुरू की।

जांच पूरी होने के बाद वर्ष 2018 में विजिलेंस ने निगम के पूर्व सचिव केके यादव, विक्रम कटियाल, मोहन लाल, गौरव, अमरजीत सहित तहसील में उस समय के नायब तहसीलदार, रजिस्ट्री क्लर्क, तहसीलदार, ऑपरेटर सहित 1 अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी व भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया था। इस मामले में विजिलेंस की टीम ने केस दर्ज होने के भी करीब 4 साल बाद गर परिषद से रिटायर हो चुके मोहनलाल, विक्रम कटियाल, अमरजीत और गौरव को गिरफ्तार किया था।

मामले में उस वक्त के सचिव व फिलहाल रेवाड़ी नगर परिषद के ईओ केके यादव की अहम भूमिका थी। जिसके बाद उन पर गिरफ्तार की तलवार लटकी हुई थी। एक माह पहले ही केके यादव को रेवाड़ी नगर परिषद में ईओ नियुक्त किया गया था। जांच में गड़बड़ी पाए जाने पर विजिलेंस ने उन पर शिकंजा कसना शुरू किया। शुक्रवार की देर शाम विजिलेंस की टीम रेवाड़ी पहुंची और केके यादव को गिरफ्तार कर लिया गया।

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