हरियाणा सरकार  ने घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए बैठक में 2 किलोवाट तक के स्वीकृत भार और 100 यूनिट से कम मासिक खपत वाले घरों के लिए मासिक न्यूनतम शुल्क माफ करने के लिए 274 करोड़ रुपये को मंजूरी प्रदान की गई। इस फैसले से लगभग 9.5 लाख परिवारों को लाभ होगा। यह निर्णय बुधवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, जिनके पास वित्त मंत्री का कार्यभार भी है, की अध्यक्षता में आयोजित स्थायी वित्त समिति “सी” की बैठक में लिया गया।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने वित्त वर्ष 2024-25 के अपने बजट भाषण में मासिक न्यूनतम शुल्क माफ करने की घोषणा की थी, जिसका उद्देश्य कम खपत वाले घरेलू उपभोक्ताओं पर वित्तीय बोझ को कम करना है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनसे बिजली की न्यूनतम मासिक खपत के लिए शुल्क नहीं लिया जाए।

 अपने वादे को पूरा करने की दिशा में  कदम बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने हाउसिंग फॉर आल विभाग को मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत सभी पात्र परिवारों को 100 वर्ग गज के प्लॉट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए । बैठक में बताया गया कि इस योजना के तहत 5 लाख से अधिक व्यक्तियों ने प्लॉट के लिए आवेदन किया है और सभी पात्र लाभार्थियों को जल्द ही विभिन्न चरणों में प्लॉट मिलेंगे।

यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई भी पात्र परिवार छूट न जाए, मुख्यमंत्री ने विभाग को अभिनव समाधान तलाशने के निर्देश दिए। जिन मामलों में व्यक्तिगत पंचायतों में उपयुक्त भूमि उपलब्ध नहीं है, वहां 4-5 गांवों का एक बनाया जाये और सभी पात्र लाभार्थियों के लिए प्लॉट का उचित आवंटन सुनिश्चित किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी योजना पर लगभग 2950 करोड़ रुपये खर्च होने की उम्मीद है, जिसका उद्देश्य पूरे राज्य में ग्रामीण परिवारों को आवास समाधान प्रदान करना है

YouTube
YouTube
Set Youtube Channel ID
WhatsApp
error: Content is protected !!