कैथल में दर्दनाक हादसे में एक परिवार के 8 सदस्यों की मौत से पूरे डीग गांव को झकझोर दिया है। दशहरे पर्व के साथ ही यहां दिवाली की खुशियों को भी ग्रहण लग गया। सुबह जहां पूरे गांव में दशहरे को लेकर उत्साह था, घर-घर पकवान बनने थे, इसके उलट यहां पूरा दिन अधिकतर घरों में चुल्हा तक नहीं जला
हादसे के बाद पूरे गांव के लोग शोक संतप्त थे। ग्रामीणों ने अपने काम धंधे छोड़ मृतक परिवार के परिजनों का ढांढस बंधाया। सभी ने अपनी दुकान से लेकर अन्य संस्थान तक सभी बंद कर दिए। यहां तक की गांव के मंदिर में भगवान की आरती भी नहीं की गई। हादसे में कार ड्राइवर का तो पूरा परिवार ही खत्म हो गया। उसकी मां, पत्नी व तीन बेटियों की मौत हुई है। मृतकों में 5 लड़कियां व 3 महिलाएं हैं। इनमें ड्राइवर कर्मजीत की पत्नी दर्शना, मां चमेली देवी, बेटियां फिजा, वंदना व कोमल शामिल हैं।
शनिवार शाम को गांव में एक साथ 7 चिता जली तो पूरा गांव ही रुआंसा हो उठा। हर घर से लोग मृतकों के अंतिम संस्कार में शामिल हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम नायब सैनी ने भी हादसे पर शोक जताया। वहीं घटना की सूचना मिलते ही पुंडरी के नवनिर्वाचित भाजपा विधायक सतपाल जाम्बा सहित अन्य पार्टियों के कई नेता गांव में पहुंचे।
यहां विधायक सतपाल ने मृतकों की अर्थियों को अपना कंधा दिया। वहीं कार्यवाहक सीएम नायब सिंह सैनी व केंद्रीय मंत्री मनोहरलाल ने इस हादसे पर भाजपा जिलाध्यक्ष मनीष कठवाड़ से जानकारी ली और उन्हें पीड़ित परिवार की मदद की जा सके, इसके लिए गांव में भेजा।
बता दें कि सिरसा ब्रांच नहर के पास बना तीव्र मोड़ हादसों का कारण है। पहले भी इसी नहर में कई हादसे हो चुके हैं। क्योंकि पिछले साल भी एक कार सवार चालक की नहर में कार गिरने से मौत हुई थी। यहां पर संबंधित विभाग ने न तो रिटर्निंग वॉल लगाई है और न ही ग्रिल लगाई है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण बद इंतजाम लोगों की जिंदगी लील रही हैं। अब विभाग का कहना है कि सुरक्षा की दृष्टि से जो भी व्यवस्था यहां की जानी होगी, उसको जनहित में किया जाएगा।
