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उत्तरकाशी के केदारताल ट्रैक पर 6 ट्रैकरों की मौत, 2 अब भी लापता; एवलांच में फंसे थे 8 लोग

उत्तरकाशी। उत्तराखंड के उत्तरकाशी स्थित केदारताल ट्रैक पर हिमस्खलन और बर्फबारी की चपेट में आए आठ लापता लोगों में से अब तक छह के शव बरामद हो चुके हैं। बुधवार को सर्च ऑपरेशन के दौरान चार और शव मिले। इनमें लखनऊ के गायत्रीपुरम निवासी ट्रैकर बहनें वर्तिका वर्मा और दीपिका वर्मा भी शामिल हैं। इससे पहले मंगलवार को दो शव बरामद किए गए थे। अब दो लापता लोगों की तलाश जारी है।

रेस्क्यू ऑपरेशन में ITBP की टीम को भी शामिल किया गया है। ITBP के जवान विशेष हेलिकॉप्टर की मदद से दुर्गम इलाके में तलाशी अभियान चला रहे हैं। इसके अलावा NDRF, SDRF, उत्तराखंड पुलिस, वन विभाग और नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग (NIM) की टीमें भी बचाव कार्य में जुटी हैं।

29 अक्टूबर को हिमस्खलन की चपेट में आया था दल

जानकारी के अनुसार, 27 अक्टूबर को पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के सात ट्रैकर, उत्तरकाशी के स्थानीय गाइड सिद्धार्थ राणा और पांच सपोर्ट स्टाफ सहित कुल 13 लोगों का दल गंगोत्री से केदारताल ट्रैक के लिए रवाना हुआ था। दल को 29 अक्टूबर तक वापस लौटना था।

वापसी के दौरान भोजखड़क और कच्ची ढांग के पास अचानक हिमस्खलन और भारी बर्फबारी हुई। इसकी चपेट में आने से आठ लोग लापता हो गए, जबकि बाकी सदस्य सुरक्षित लौट आए।

अब तक छह शव बरामद, दो की तलाश जारी

30 अक्टूबर को दल के चार सदस्य, जिनमें तीन नेपाली पोर्टर और कुक रोहन राणा शामिल थे, सुरक्षित गंगोत्री पहुंचे। उन्होंने प्रशासन को आठ लोगों के लापता होने की जानकारी दी। इसके बाद 31 अक्टूबर से SDRF, NDRF, पुलिस और वन विभाग की टीमों ने तलाशी अभियान शुरू किया।

मंगलवार को दो शव मिले थे, जबकि बुधवार को चार और शव बरामद किए गए। अब तक छह लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। दो अन्य लापता लोगों की तलाश की जा रही है।

लखनऊ की दो सगी ट्रैकर बहनों के शव मिले

बरामद शवों में लखनऊ के गायत्रीपुरम निवासी वर्तिका वर्मा (28) और दीपिका वर्मा (29) के शव भी शामिल हैं। दोनों बहनों को ट्रैकिंग का शौक था और वे उत्तराखंड व नेपाल के कई दुर्गम ट्रैक पूरे कर चुकी थीं। करीब दो महीने पहले ही दोनों फूलों की घाटी और हेमकुंड साहिब की ट्रैकिंग करके लौटी थीं।

दोनों के भाई अतुल वर्मा परिजनों के साथ उत्तरकाशी पहुंचे थे। उन्होंने ट्रैकिंग एजेंसी पर घटना की जानकारी समय पर नहीं देने और लापरवाही के आरोप लगाए थे। बहनों की मौत की खबर से परिवार में मातम पसरा है।

पश्चिम बंगाल के पांच ट्रैकर भी लापता लोगों में शामिल

हादसे में लापता हुए लोगों में उत्तरकाशी के 25 वर्षीय गाइड सिद्धार्थ राणा के अलावा उत्तर प्रदेश की वर्तिका और दीपिका वर्मा शामिल थीं। पश्चिम बंगाल के बांकुरा निवासी तापस बाउरी (30), रतन घोष (23), मनोज खोवास (39), रिंटू मंडल (40) और उदय घोष (30) भी दल का हिस्सा थे।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर बांकुरा के पांच युवकों के लापता होने पर चिंता जताई है। उन्होंने उत्तराखंड सरकार और SDRF से युवकों की तलाश तेज करने की अपील की और केंद्र सरकार से घटना की रिपोर्ट मांगी।

गाइड के परिजनों ने सेना और एयरफोर्स की मदद मांगी

लापता स्थानीय गाइड सिद्धार्थ राणा के पिता मोहन राणा और ग्रामीणों ने उत्तरकाशी कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी प्रशांत कुमार आर्य से मुलाकात की। उन्होंने सर्च ऑपरेशन तेज करने की मांग की। परिजनों ने दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र और खराब मौसम को देखते हुए सेना और एयरफोर्स के उन्नत हेलिकॉप्टरों की मदद लेने की भी अपील की।

खराब मौसम से रेस्क्यू अभियान प्रभावित

बर्फबारी और कम विजिबिलिटी के कारण बचाव अभियान में लगातार दिक्कतें आ रही हैं। हेलिकॉप्टर से बरामद चार शवों को मातली हेलीपैड लाया गया। इसके बाद उन्हें पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल उत्तरकाशी ले जाया जा रहा है।

प्रशासन और बचाव एजेंसियों की टीमें शेष दो लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं।

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