झज्जर जिले के बिरधाना और गिरवाड़ गांव में सोमवार को भीषण आग लगने से किसानों की खड़ी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। आग की शुरुआत बिरधाना गांव में खेतों के ऊपर से गुजर रही बिजली लाइनों में शॉर्ट सर्किट से हुई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया।
सूखी फसल और तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और कुछ ही मिनटों में करीब 20 एकड़ गेहूं की फसल जलकर खाक हो गई। आग की लपटें शाम तक पास के गिरवाड़ गांव तक पहुंच गईं, जहां किसान नेत्रपाल डबास की करीब 5 एकड़ फसल भी जल गई। इस तरह कुल मिलाकर लगभग 25 एकड़ फसल बर्बाद हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक खेतों में खड़ी फसल पूरी तरह नष्ट हो चुकी थी।
किसानों पर टूटा दुखों का पहाड़
इस हादसे में सबसे ज्यादा नुकसान किसान मायाराम को हुआ, जिनकी 6 से 7 एकड़ गेहूं की फसल पूरी तरह जल गई। मायाराम के अनुसार, उनकी आय का मुख्य स्रोत खेती ही है और इस बार उन्हें फसल से घर की आर्थिक स्थिति सुधारने की उम्मीद थी, जो अब पूरी तरह टूट गई।
हर साल होती हैं ऐसी घटनाएं
स्थानीय किसानों का कहना है कि जर्जर बिजली तारों के कारण हर साल गर्मियों में इस तरह की घटनाएं होती हैं, लेकिन संबंधित विभाग समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाता।
प्रशासन ने लिया जायजा
घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया की बात कही जा रही है।
सरपंच ने उठाई मुआवजे की मांग
गांव गिरवाड़ के सरपंच सोनू ने सरकार से मांग की है कि प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द उचित मुआवजा दिया जाए। उनका कहना है कि यह नुकसान सिर्फ किसानों का नहीं, बल्कि पूरे इलाके की आजीविका पर असर डालने वाला है।
