हरियाणा में PGT से प्रिंसिपल पद पर पदोन्नति प्रक्रिया के बीच दिव्यांग कर्मचारियों को 4% आरक्षण का लाभ देने की कवायद तेज हो गई है। विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को पत्र जारी कर दिव्यांग श्रेणी के योग्य PGT शिक्षकों की सूची 26 जून 2026 तक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
निदेशालय के अनुसार, 1 जनवरी 2026 की वरिष्ठता सूची के आधार पर PGT शिक्षकों को प्राचार्य पद पर प्रमोशन दिया जाएगा। इस प्रक्रिया में दिव्यांग कर्मचारियों को आरक्षण का लाभ मिलेगा। अधिकारियों को संबंधित शिक्षकों के दस्तावेज और मामलों की जानकारी तैयार कर जल्द निदेशालय भेजने को कहा गया है।
हरियाणा में PGT से प्रिंसिपल पद पर पदोन्नति प्रक्रिया के बीच दिव्यांग कर्मचारियों को 4% आरक्षण देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को पत्र जारी कर दिव्यांग श्रेणी के योग्य PGT शिक्षकों की सूची 26 जून 2026 तक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
निदेशालय के अनुसार, 1 जनवरी 2026 की वरिष्ठता सूची के आधार पर PGT शिक्षकों को प्राचार्य पद पर प्रमोशन दिया जाएगा। इस प्रक्रिया में दिव्यांग कर्मचारियों को आरक्षण का लाभ मिलेगा। अधिकारियों को संबंधित शिक्षकों के दस्तावेज और मामलों की जानकारी तैयार कर जल्द निदेशालय भेजने को कहा गया है।
शिक्षा निदेशालय ने कर्मचारियों के लिए निम्न श्रेणियों में मामलों की संख्या निर्धारित की है, दृष्टिबाधित (VH) वरिष्ठता क्रमांक 167 के बाद के 15 मामले, श्रवण बाधित (HI) वरिष्ठता क्रमांक 330 के बाद के 15 मामले, अस्थि दिव्यांग (OH), वरिष्ठता क्रमांक 121 के बाद के 25 मामले, बहु-दिव्यांग (MD) 10 मामले शामिल हैं।
निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों को इसकी सूचना दी जाए। यदि कोई पात्र कर्मचारी दिव्यांग कोटे के तहत लाभ लेने का इच्छुक नहीं है या अपना मामला प्रस्तुत नहीं करता है तो उससे लिखित अंडरटेकिंग ली जाए। यदि इसके बावजूद कर्मचारी अंडरटेकिंग नहीं देता, तो जिला शिक्षा अधिकारी उसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर निदेशालय को भेजेंगे। ऐसे मामलों में दिव्यांग कोटे का लाभ नहीं दिया जाएगा।
पत्र में जिला शिक्षा अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि सभी मामले निर्धारित समय सीमा तक निदेशालय पहुंच जाएं। निदेशालय ने चेतावनी दी है कि यदि 26 जून तक मामले प्राप्त नहीं होते हैं तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी की होगी।
प्रदेश में प्राचार्य पदों पर होने वाली आगामी पदोन्नतियों के मद्देनजर यह आदेश महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे दिव्यांग शिक्षकों को पदोन्नति में आरक्षण का लाभ सुनिश्चित करने और लंबित मामलों को समयबद्ध तरीके से निपटाने का रास्ता साफ होगा।
