हरियाणा सरकार ने राज्य की सभी ग्राम पंचायतों के लिए एक नई सुविधा की घोषणा की है। अब हर ग्राम सभा की बैठक में चाय-नाश्ते के लिए 4,000 रुपये तक का खर्च पंचायतों को मिलेगा। सरकार का कहना है कि इससे ग्राम सभा बैठकों में सहभागिता बढ़ेगी और ग्राम स्तर पर शासन अधिक सक्रिय और प्रभावी बनेगा। विकास एवं पंचायत विभाग के उप निदेशक ने सभी उपायुक्तों को इस संबंध में पत्र जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि यह राशि हर ग्राम पंचायत को अधिकतम सीमा के रूप में दी जाएगी।
विभाग के पत्र के अनुसार, राज्य सरकार ने हरियाणा पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 44 के तहत यह निर्णय लिया है कि ग्राम सभा की बैठकों के दौरान पंचायतें चाय-नाश्ते की व्यवस्था पर अधिकतम 4,000 रुपये तक व्यय कर सकेंगी। यह राशि ग्राम निधि से खर्च की जाएगी और इसका उद्देश्य ग्राम सभा की बैठकों को अधिक सहभागी और सहज बनाना है।
यह निर्देश सभी जिला परिषदों के कार्यकारी अधिकारियों, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारियों, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों को भेजा गया है ताकि निर्णय का पालन सुनिश्चित किया जा सके। विकास एवं पंचायत विभाग का मानना है कि ग्राम सभा की बैठकें स्थानीय लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं, जहां ग्रामीण विकास योजनाओं, सामाजिक मुद्दों और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर चर्चा होती है। ऐसे में उपस्थित लोगों के लिए चाय-नाश्ते की व्यवस्था से सहभागिता और संवाद में सहजता आएगी।
अक्सर ग्राम सभाओं में ग्रामीणों की भागीदारी कम रहने की शिकायतें मिलती हैं। सरकार को उम्मीद है कि इस कदम से ग्राम सभा बैठकों में अधिक लोग शामिल होंगे, जिससे पंचायतों का कामकाज पारदर्शी और सहभागी बनेगा। यह निर्णय ग्रामीण प्रशासन को सशक्त करने और पंचायतों को स्वायत्तता देने की दिशा में एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है
