बहादुरगढ़। हरियाणा के टिकरी बॉर्डर के पास गांव कसार से दर्दनाक हादसा सामने आया है। गांव के नजदीक तीन वर्षीय बच्ची खेलते हुए कुएं में डूब गई। जब तक उसे कुएं से निकाला गया, उसकी सांसें थम चुकी थी। पुलिस ने पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया है। बच्ची की मौत के बाद से परिजनों का बुरा हाल है।
जानकारी के अनुसार, मध्यप्रदेश का निवासी सुरेश (राज मिस्त्री) पिछले काफी समय से यहां बहादुरगढ़ में पटेल नगर में रहता है। इन दिनों वह कसार के नजदीक काम कर रहा है। वीरवार को सुरेश व उसकी पत्नी काम में लगे हुए थे। तीन वर्षीय बेटी लक्ष्मी भी व्ही निर्माणाधीन घर के पास बेठी थी। वहां नजदीक ही एक बिना बाउंड्री कुआं है। खेलते-खेलते मासूम लक्ष्मी कुएं तक पहुंच गई और गिर गई। किसी का इस तरफ ध्यान नहीं गया। जब अभिभावकों को लक्ष्मी नजर नहीं आई तो उन्होंने उसकी तलाश शुरू की। लक्ष्मी कुएं में पाई गई। उसे निकालकर अस्पताल ले गए तो चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दी। सूचना मिलते ही सेक्टर-6 थाने से पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की गई।
पोस्टमार्टम कराने के बाद बच्ची का शव परिजनों को सौंप दिया गया। लक्ष्मी की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। लक्ष्मी अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी। बताते हैं कि शादी के करीब दस साल बाद दंपति को लक्ष्मी के रूप में संतान की प्राप्ति हुई थी। संतान के लिए सुरेश व उसकी पत्नी ने काफी मन्नतें मांगी थी। माता-पिता लक्ष्मी को पढ़ा लिखाकर कामयाब इंसान बनाना चाहते थे, इससे पहले ही ये हादसा हो गया। जांच अधिकारी हरिओम सिंह ने कहा कि शव परिजनों को सौंप दिया है। मामले में 174 के तहत कार्रवाई की गई है। उधर, लोगों ने भी बच्ची की मौत पर दुख जताया है। लोगों का कहना है कि आबादी के आसपास कुएं और बोरवैल बंद होने चाहिए। अगर बंद नहीं होते तो कम से कम उसकी दीवार तो होनी ही चाहिए, ताकि हादसे न हों।
