रोहतक स्थित PGIMS की मल्टी डिसिप्लिनरी रिसर्च यूनिट द्वारा 3डी प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी इन हेल्थकेयर इंडस्ट्री विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। जिसमें मुख्यातिथि के तौर पर PGIMS के निदेशक डॉ. एसएस लोहचब रहे। उन्होंने कहा कि चिकित्सा जगत में मरीजों के लिए मॉडर्न तकनीकें आ रही हैं।

अब समय आ गया है कि हम उन तकनीकों से खुद को सबसे पहले अपडेट रखें, ताकि नवीनतम तकनीक से मरीज को इलाज उपलब्ध करवाया जा सके। थ्री डी तकनीक चिकित्सा जगत में एक बहुत अच्छी तकनीक आई है, जिसके चलते हम ऑपरेशन से पहले पूरी तैयारी कर बड़ी ही आसानी से कम समय में सफलतापूर्वक ऑपरेशन कर सकते हैं।

डॉ. एसएस लोहचब

डॉ. एसएस लोहचब ने कहा कि वह कार्डियक सर्जन हैं और उनके विभाग में यह 3डी तकनीक बहुत कारगर है। क्योंकि इससे बीमारी की अलग पहचान करके उसका सटीक इलाज किया जा सकता है। हमें अपने संस्थान में भी थ्री डी तकनीक शुरू करने पर विचार करना चाहिए। विशिष्ट अतिथि डॉ. कुलदीप सिंह लालर ने कहा कि यह बहुत अच्छी तकनीक है।

मल्टी डिसिप्लिनरी रिसर्च यूनिट की नोडल अधिकारी डॉ. सिम्मी खरब ने कहा कि आज का समय स्मार्ट तकनीक का युग है। इससे सर्जरी कम समय में होती है और उसके परिणाम काफी अच्छे आते हैं। आज की इस कार्यशाला में चिकित्सकों को विस्तार से बताया गया कि किस प्रकार 3 डी तकनीक हमें चिकित्सा जगत में कारगर हो सकती है और मरीजों को कितना फायदा मिलेगा। इससे चिकित्सकों को सिखाने में भी काफी फायदा मिलेगा।

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