रोहतक। शहर में करीब 350 मीट्रिक टन से ज्यादा कचरा सड़ रहा है। बुधवार को कच्चे कर्मचारियों के गतिरोध के साथ सुबह निगम के पक्के कर्मचारी भी राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल हो गए, जिससे हालत और ज्यादा खराब हो गई। चौक व चौराहों के बाद बाजारों में भी कचरे के ढेर लग गए। शाम तक कचरा नहीं उठाया जा सकता।

ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर नगर निगम के कर्मचारी सुबह 8 बजे निगम कार्यालय के बाहर एकत्रित हुए। प्रधान शंभू प्रधान के नेतृत्व में निगम कार्यालय के दोनों तरफ ताला जड़ दिया और गेट के बाहर आकर सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की।

शंभू प्रधान ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी ने 27000 रुपये प्रति कर्मचारी को देने व ठेका प्रथा को बंद करने की घोषणा की थी, लेकिन हकीकत में कुछ नहीं हुआ। अब 400 सफाई कर्मचारी और बेरोजगार हो गए हैं।
इसके बाद निगम कर्मी नारेबाजी करते हुए आंबेडकर चौक से होते हुए मानसरोवर पार्क में पहुंचे। साथ में अशोक थोरिया, राकेश चावरिया, डा.प्रदीप, रवि आर्य, देवेंद्र, राजपाल टांक, शंकर टांक, राजकुमार राजे, रविराज, भीम चावरिया, सुरेंद्र पारचा, अमित व अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे।

निगम में 600 कर्मचारी ऐसे हैं, जिसमें आधे पक्के व आधे अनुबंधित हैं। उनका कार्य बाजारों, गलियों व सड़कों की सफाई करना है। बुधवार को हड़ताल पर जाने के कारण शहर में सड़कों व गलियों में सफाई नहीं हो सकी।
किला रोड, रेलवे रोड, माल गोदाम रोड, प्रताप चौक, गांधी कैंप, डी पार्क, शिवाजी कॉलोनी, झज्जर रोड, भिवानी स्टैंड, पुरानी सब्जी मंडी सहित अन्य बाजारों में कचरे के ढेर लग गए जबकि पहले से पुराना गोहाना अड्डा, झज्जर मोड़, काठमंडी मोड़, दिल्ली रोड व सोनीपत रोड पर कचरे के ढेर लगे रहे।

पांचों जोन में ठेकेदारों ने संसाधन जुटा लिए हैं। पक्के कर्मचारी भी हड़ताल से लौट आए हैं। दिन-रात शहर से दो दिन में कचरा उठा लिया जाएगा। घरों से कचरा उठाने की भी व्यवस्था कर रहे हैं। इसमें थोड़ा समय लग रहा है।
– डाॅ. आनंद शर्मा, आयुक्त नगर निगम

पुराने ठेकेदार के पास 91 के करीब टिपर थीं जबकि पांच जोन में मात्र 21 टिपर ही आ सकीं। टिपर की जगह ट्रैक्टर-ट्राॅली का प्रयोग किया जा रहा है। निगम अपनी खराब टिपर ठीक करवाकर ठेकेदारों को दे रहा है।
इनमें किसी की टंकी लीक है तो किसी के ब्रेक खराब हैं। दूसरा, पुराने 400 कर्मचारियों को ड्यूटी पर नहीं लिया जा रहा है। पक्के व अनुबंधित कर्मचारी कचरा उठाकर ट्राॅली में नहीं डाल सकता क्योंकि उनकी उम्र ज्यादा हो चुकी है। अब निगम प्रशासन को व्यवस्था बनानी है शहर से कैसे कचरा उठेगा।
– शंभू प्रधान, नगर निगम कर्मचारी संघ

सैकड़ों सफाई कर्मचारी जयहिन्द के नेतृत्व में पहुंचे नगर निगम कार्यालय, ज्वाइंट कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन

कुछ मांगो पर बड़ी सहमति, कुछ रही अधूरी – जयहिन्द

सभी कर्मचारी मन लगाकर काम करें, मै आपके साथ खड़ा हूं – जयहिन्द

सभी कर्मचारियों को HKRN में शामिल करे सरकार – जयहिन्द

मुख्यमंत्री जी जब तक ठेका प्रथा बंद नहीं होगी, हम इसके खिलाफ खड़े है – जयहिन्द

रोहतक (10 जुलाई) / वीरवार 10 जुलाई को रोहतक नगर निगम के सैकड़ों कर्मचारी अपनी मांग को लेकर रंगशाला में एकत्रित हुए। नवीन जयहिन्द के नेतृत्व में सभी कर्मचारियों ने रंगशाला से पैदल चलकर नगर निगम के कमिश्नर ऑफिस पहुंचे। भारी पुलिस बल ने सबको निगम के गेट पर रोक लिया जिसके बाद सभी कर्मचारी वहीं बैठ गए और कुछ समय बाद अंदर जाने दिया। रोहतक नगर निगम कमिश्नर चंडीगढ़ मीटिंग में गए हुए थे तो उनकी जगह ज्वाइंट कमिश्नर को सभी कर्मचारियों ने ज्ञापन सौंपा।

ज्वाइंट कमिश्नर ने बताया कि किसी भी कर्मचारी को सरकार द्वारा निर्धारित मिनिमम वेज से कम तनख्वाह नहीं दी जाएगी। जिसमें ड्राइवर की 13,683 व हेल्पर की 11,257 व अन्य सभी इंसेंटिव शामिल है। साथ ही अधिकारी ने बताया कि कर्मचारी रोजगार जाने की चिंता न करें, वर्तमान टेंडर के हिसाब से जिन कर्मचारियों को हटाया गया है उन्हें प्राथमिकता देते हुए तीन महीने बाद या उससे पहले ऑटोमेटिकली दोबारा काम पर रख लिया जाएगा। हमने ठेकेदार को आदेश दिए है कि आपकी तनख्वाह जल्द से जल्द दे अगर सोमवार तक आप सब की तख्वाह नहीं आती है तो यहां ऑफिस में आकर मुझे बता सकते है।

आपको बता दें कि दो दिन पहले देर शाम को नवीन जयहिन्द व सफाई कर्मचारियों के प्रतिनिधि मंडल को रोहतक नगर निगम कमिश्नर ने अपने ऑफिस पर बुलाकर मीटिंग की थी जिसमें कमिश्नर साहब ने भी कुछ मांगो पर बड़ी सहमति जताई थी और आज उनकी अनुपस्थिति में अधिकारी ने वही बाते सभी कर्मचारियों के सामने रखी।

जयहिन्द का कहना है कि अगर कमिश्नर साहब व अधिकारी अपनी बातों पर रहेंगे तो अच्छा है वरना हमें दोबारा यहां आना पड़ेगा। साथ ही जय जयहिन्द ने सफाई कर्मचारियों को आश्वासन देते हुए कहा कि सभी कर्मचारी मन लगाकर अपना काम करें कहीं कोई कमी न छोड़े, अगर अधिकारी आपकी बात नहीं सुनेंगे तो मैं आपके साथ सड़क पर उतरने के लिए तैयार हूं। ओर रही बात HKRN में शामिल करने की तो कमिश्नर साहब पहले भी कह चुके है कि हम सिर्फ एक प्रपोजल बनाकर सरकार को दे सकते है। तो HKRN के लिए जब भी मुख्यमंत्री साहब रोहतक आयेंगे तो हम उनके पास जाएंगे और अपनी समस्या उनको बताएंगे।

जयहिन्द ने बताया ये सब निगम के कर्मचारी पिछले 10 सालों से डोर टू डोर सफाई का काम कर रहे है। इनको बार–बार ठेके का हवाला दे दिया जाता जबकि हमारे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी जी खुद ठेकेदार प्रथा खत्म करके हरियाणा कौशल रोजगार निगम(HKRN) लागू करने की बात कहते है। अगर ठेका प्रथा ऐसे ही चलती रहेगी तो हम इस प्रथा के खिलाफ खड़े है। क्योंकि ठेका प्रथा द्वारा इन कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है।

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