महाकुंभ का 30वां दिन है। दोपहर 2 बजे तक 95.58 लाख श्रद्धालुओं संगम में स्नान किया। 13 जनवरी से अब तक 45.74 करोड़ श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं।
संगम में जबरदस्त भीड़ है। हर जगह लोग ही लोग नजर आ रहे हैं। शहर में जाम जैसे हालात हैं। भीड़ को कंट्रोल करने के लिए कमिश्नर प्रयागराज विजय विश्वास पंत और DIG अजय पाल शर्मा सड़क पर उतर गए हैं।
इस दौरान, दुनियाभर से श्रद्धालु त्रिवेणी संगम पर आकर आस्था की डुबकी लगाते हैं। खासकर शाही स्नान की तिथियों पर, श्रद्धालुओं की संख्या अत्यधिक बढ़ जाती है, क्योंकि इसे पापों से मुक्ति और आत्मा की शुद्धि का माध्यम माना जाता है। लेकिन भीड़-भाड़ के कारण कई श्रद्धालु महाकुंभ में शाही स्नान के लिए नहीं जा पा रहे हैं। ऐसे में अगर आप भी इस भीड़ से बचकर शाही स्नान का पुण्य लाभ लेना चाहते हैं, तो आप घर पर भी कुछ विशेष विधियों का पालन करके शाही स्नान जैसा पुण्य प्राप्त कर सकते हैं।
अगर आप महाकुंभ में शाही स्नान के लिए नहीं जा पा रहे हैं, तो घर पर ही स्नान के पानी में गंगाजल मिला कर स्नान करें। गंगाजल को घर पर स्नान के पानी में डालने से आपको पुण्य फल मिल सकता है। अगर आपके पास गंगाजल नहीं है, तो आप आसपास की किसी पवित्र नदी का पानी भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा, अगर आपके पास गंगाजल का संग्रह नहीं है, तो आप ऑनलाइन माध्यम से भी इसे मंगवाकर इस्तेमाल कर सकते हैं।
महाकुंभ में स्नान करते समय शास्त्रों में यह बताया गया है कि गंगा में पांच बार डुबकी लगाने और साबुन या शैम्पू का उपयोग नहीं करना चाहिए। इसी तरह, अगर आप किसी पवित्र नदी में स्नान कर रहे हैं, तो आपको इस नियम का पालन करना चाहिए। इस दौरान प्राकृतिक तत्वों को ही अपनाना बेहतर माना जाता है, ताकि आपकी आत्मा और शरीर दोनों शुद्ध हो सकें।
शाही स्नान के दौरान विशेष मंत्र का उच्चारण किया जाता है। घर पर स्नान करते समय “गंगे च यमुने चैव गोदावरि सरस्वति, नर्मदे सिंधु कावेरी जलेस्मिन् सन्निधिं कुरू” मंत्र का उच्चारण करें। यह मंत्र आपके स्नान को और भी पवित्र बना देगा। यदि मंत्र का उच्चारण करना कठिन हो तो आप स्नान करते समय मां गंगे का ध्यान भी कर सकते हैं। ध्यान रहे कि मंत्रों का उच्चारण पूरे श्रद्धा भाव से करना चाहिए, ताकि पुण्य की प्राप्ति हो सके।
स्नान के बाद सबसे पहले सूर्य को अर्घ्य दें, फिर तुलसी में जल चढ़ाएं। इसके बाद जरूरतमंदों को दान करें। शाही स्नान के दौरान मन में श्रद्धा और पवित्रता का होना बहुत जरूरी है, क्योंकि इससे आपका शरीर और आत्मा दोनों शुद्ध होते हैं। दान से आपके पुण्य में वृद्धि होती है और समाज में एक सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
प्राचीन विधियों के अनुसार स्नान के समय विशेष तंत्र-मंत्रों का पालन किया जाता है। शाही स्नान के समय तंत्र-मंत्रों के उच्चारण से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है और शरीर में नए जीवन का संचार होता है। शास्त्रों में इस बारे में विस्तार से बताया गया है कि इन मंत्रों के उच्चारण से जीवन में सुख और समृद्धि आती है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी अपने बेटे अनंत अंबानी और मां कोकिलाबेन अंबानी के साथ महाकुंभ में शामिल होने के लिए प्रयागराज पहुंचे। महाकुंभ में कल 12 फरवरी को माघी पूर्णिमा का स्नान है। संगम पर सुबह 8 बजे श्रद्धालुओं पर हेलिकॉप्टर से फूल बरसाए जाएंगे।
इसके अलावा CM योगी आदित्यनाथ ने सोमवार की शाम STF चीफ अमिताभ यश को विशेष विमान से प्रयागराज भेजा। 52 नए IAS , IPS और PCS अफसरों को तैनात किया गया है। सभी को तत्काल प्रयागराज पहुंचकर ड्यूटी जॉइन करने को कहा गया है।
योगी ने सोमवार शाम को महाकुंभ को लेकर समीक्षा बैठक की। कहा- माघ पूर्णिमा पर ट्रैफिक और क्राउड मैनेजमेंट के नियम सख्ती से लागू करें। सड़कों पर वाहनों की कतार नहीं लगनी चाहिए, न ही जाम की स्थिति होनी चाहिए।

