रोहतक की सुनारिया जेल में बंद डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को एक बार फर से 30 दिन की पैरोल मिली है। राम रहीम ने उत्तर प्रदेश के बागपत आश्रम में से अपने समर्थकों के लिए रिकॉर्डेड वीडियो जारी किया है। उसने लोगों से घरों में ही रहने और प्रशासन के निर्देश मानने को कहा है। डेरा प्रमुख के साथ उसकी मुंहबोली बेटी हनीप्रीत और राम रहीम का चचेरा भाई भी है। इस बीच कयास लगाए जा रहे हैं कि हनीप्रीत, डेरा प्रबंधन और परिवार के बीच विवाद चल रहा है और इसी विवाद को सुलझाने के लिए राम रहीम 5 महीने में दूसरी बार पैरोल पर बाहर आया है।
जेल से पेरोल मिलने के बाद डेरा प्रमुख गुरमीत ने पहली बार वीडियो मैसेज दिया। उसने कहा, ‘हम यूपी से बोल रहे हैं। आप सबको बहुत बहुत बधाई हो। भगवान खुशियां दें। आप बहुत देर से कह रहे थे कि गुरु जी कब आओगे। राम जी ने सुन ली है। हम आपकी सेवा में खड़े हैं। आपने हमेशा मेरी बात मानी है। प्रशासन का सहयोग करना है। पूरा अमल करना है। आप एडम ब्लॉक के सेवादार के अनुसार चलें।’
डेरा सच्चा सौदा प्रबंधन ने ट्वीट किया है कि आप सभी को जानकार खुशी होगी कि पिता जी आज पैरोल पर बरनावा आश्रम में पहुंच गए हैं। सभी साध संगत से घरों में रहकर उनका नाम सिमरन करने की अपील है और जैसे भी आगे का प्रोग्राम होगा, बताया जाएगा। साध संगत को एडम ब्लॉक और बाकी जिम्मेदार समय-समय पर सूचित कर देंगे। सभी को प्रशासन का पूरा-पूरा साथ देना है।
इधर, राम रहीम के साथ हनीप्रीत और चचेरा भाई भी बागपत पहुंच गए हैं। हनीप्रीत गुरुवार को ही डेरे से निकल गई थी। हालांकि डेरा प्रमुख का परिवार सिरसा में ही है। वह राम रहीम से मिलने नहीं गया। पिछली बार उसे 21 दिनों की पैरोल मिली थी। इस दौरान वह अपने गुरुग्राम स्थित आश्रम में रहा था। इस दौरान वह हनीप्रीत और परिवार के सदस्यों से बहुत कम समय मिला था।
राम रहीम को 25 अगस्त 2017 में साध्वी यौन शोषण मामले में 20 साल की सजा हुई थी। तब से वह जेल में ही बंद था। पत्रकार छत्रपति और रणजीत हत्याकांड में भी सजा काट रहा है। राम रहीम को 7 फरवरी से 28 फरवरी तक पहली पैरोल मिली थी।
हरियाणा के जेल मंत्री रणजीत सिंह ने कहा कि राम रहीम को नियमों के अनुसार पैरोल मिली है और उन्होंने कोई शर्त नहीं रखी। डेरा प्रवक्ता जितेंद्र खुराना ने कहा कि हरियाणा सरकार के जेल एमेंडमेंट एक्ट के अनुसार 2022 में पैरोल के नियमों में बदलाव किया गया है, जिसके अनुसार अब पैरोल के लिए कोई कारण देना जरूरी नहीं है। पैरोल में किसी भी प्रकार के कार्यक्रम करने पर भी कोई पाबंदी नहीं है।
