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हरियाणा फैमिली ID में 3 बड़े बदलाव: अब मुखिया की सहमति के बिना नहीं जुड़ेगा नया सदस्य, मोबाइल पर आएगा SMS; PPP 2.0 में AI से होगी परिवार की कमाई की जांच

रेवाड़ी, 16 अक्टूबर 2026। हरियाणा में परिवार पहचान पत्र (PPP) यानी फैमिली ID से जुड़ी व्यवस्था में तीन अहम बदलाव किए गए हैं। अब एनरोलमेंट ID बनने, फैमिली ID तैयार होने और परिवार में नया सदस्य जुड़ने पर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर SMS अलर्ट भेजा जाएगा। इससे परिवारों को अपने रिकॉर्ड में होने वाले बदलावों की जानकारी समय पर मिल सकेगी।

हरियाणा परिवार पहचान प्राधिकरण के स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला के अनुसार, कई बार पारिवारिक विवाद या गलतियों के कारण परिवार पहचान पत्र में अनधिकृत रूप से सदस्य जुड़ने की शिकायतें सामने आती थीं। नई व्यवस्था के तहत परिवार के मुखिया की सहमति के बिना नया सदस्य जोड़ने पर रोक लगाने की व्यवस्था की गई है।

फैमिली ID से जुड़े इन 3 मौकों पर आएगा SMS

1. एनरोलमेंट ID बनने पर: परिवार को मोबाइल पर संदेश भेजकर ID बनने की जानकारी दी जाएगी।

2. फैमिली ID तैयार होने पर: परिवार पहचान पत्र तैयार होने के बाद रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर SMS मिलेगा।

3. नया सदस्य जुड़ने पर: परिवार की ID में किसी नए सदस्य को जोड़े जाने की सूचना भी मोबाइल पर भेजी जाएगी। इससे परिवार अपने रिकॉर्ड में होने वाले बदलावों पर नजर रख सकेगा।

मोबाइल नंबर सही रखना जरूरी

SMS अलर्ट का लाभ लेने के लिए परिवार पहचान पत्र में दर्ज मोबाइल नंबर सही और चालू होना चाहिए। यदि मोबाइल नंबर बदल गया है, तो उसे PPP रिकॉर्ड में अपडेट करवाना जरूरी है। इससे ID बनने और परिवार के रिकॉर्ड में बदलाव होने पर सूचना प्राप्त करने में आसानी होगी।

दिसंबर तक PPP 2.0 लाने की तैयारी

हरियाणा में परिवार पहचान पत्र के नए संस्करण PPP 2.0 को दिसंबर 2026 तक लाने की तैयारी की जा रही है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से परिवार की आय, संपत्ति और वित्तीय स्थिति का आकलन करने की योजना है।

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत पैन, आधार, प्रॉपर्टी ID, किसान ID, आभा ID, बैंक लोन और बच्चों की स्कूल फीस जैसी जानकारियों को जोड़ने की तैयारी है। इन जानकारियों के आधार पर परिवार की वास्तविक आर्थिक स्थिति का आकलन करने में मदद मिल सकती है।

स्कूल फीस और कर्ज की जानकारी भी होगी अहम

PPP 2.0 में परिवार के बच्चों की स्कूल फीस और जीवनशैली पर होने वाले खर्च को भी आर्थिक स्थिति के आकलन में शामिल करने की तैयारी है। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी बच्चे की मासिक स्कूल फीस 10 हजार रुपये है, तो सालाना 1.20 लाख रुपये का खर्च बनता है।

इसके अलावा घर बनाने या अन्य जरूरतों के लिए लिए गए बैंक लोन और उसकी किस्तों की जानकारी भी प्रस्तावित व्यवस्था का हिस्सा हो सकती है। इससे परिवार की आय के साथ-साथ उसके खर्च और देनदारियों को समझने में मदद मिलेगी।

सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों की भी होगी जांच

PPP 2.0 के जरिए सरकार ऐसे परिवारों की पहचान करने का प्रयास कर सकती है, जिनकी वास्तविक आय या संपत्ति उनकी ओर से दर्ज जानकारी से मेल नहीं खाती। इसका उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाना और रिकॉर्ड में मौजूद विसंगतियों की पहचान करना है।

हालांकि, PPP 2.0 में प्रस्तावित जानकारियों को जोड़ने और उनके इस्तेमाल से संबंधित अंतिम नियमों तथा प्रक्रिया की पुष्टि आधिकारिक दिशा-निर्देशों से की जानी चाहिए।

आम लोगों के लिए जरूरी बात: फिलहाल अपने परिवार पहचान पत्र में दर्ज मोबाइल नंबर की जांच कर लें, ताकि फैमिली ID से जुड़े SMS अलर्ट मिलने में परेशानी न हो।

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