Site icon Digital Bhoomi – Haryana's Leading News Plate form and Weekly Newspaper Get latest Haryana News

रोहतक में 3 हलवाइयों की मौत:भंडारे में प्रसाद बनाकर सोनीपत लौट रहे थे, कार ने बाइक को टक्कर मारी

हरियाणा में सोनीपत के रहने वाले 3 हलवाइयों की रोहतक में सड़क हादसे में मौत हो गई। तीनों रोहतक के खरावड़ गांव में आयोजित बाबा श्याम के भंडारे में खाना बनाने गए थे।

शनिवार रात लौटते समय उनकी बाइक को पीछे से आ रही एक कार ने टक्कर मार दी, जिसमें तीनों की मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची।

पुलिस ने शव कब्जे में लेकर PGI की मॉर्च्युरी में रखवा दिए। पुलिस ने परिवार की शिकायत के आधार पर कार ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

सोनीपत के सुंदर सांवरी के रहने वाले ईश्वर (60) पिछले 20 सालों से हलवाई का काम कर रहे थे। उनके परिवार में पत्नी राजो देवी, एक बेटा सोनू (जो दिल्ली में रचना सागर पब्लिकेशन में बिजलीकर्मी है) और एक बेटी हैं। ईश्वर की एक बेटी सरोज की 6 साल पहले मौत हो गई थी, और 9 महीने पहले उनके छोटे बेटे विजय की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। ईश्वर के सहारे ही परिवार का गुजारा होता था। आर्थिक स्थिति अच्छी न होने के कारण वे आराम करने की उम्र में भी काम करते थे।

जैन मंदिर के नजदीक बिल्ले वाली गली के रहने वाले ठेकेदार राहुल भी करीबन 7 साल से हलवाई का काम कर रहे थे। वे अपने पिता मुकेश के हलवाई के पुश्तैनी काम को आगे बढ़ा रहे थे। राहुल अपने परिवार का इकलौता बेटा था। 2 साल पहले उनके पिता की शुगर की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। राहुल अविवाहित थे और उनकी मां उनकी शादी के लिए रिश्ता ढूंढ रही थीं। पिता की मौत के बाद राहुल ही परिवार का गुजारा कर रहे थे।

धर्मेंद्र के परिवार में कोई नहीं है। वे इकलौते थे और उनके माता-पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। धर्मेंद्र पिछले काफी सालों से हलवाई के कामों में ठेके के रूप में सहयोगी के तौर पर काम करते थे और अविवाहित थे। उन्होंने सुंदर मोहल्ले में अपना मकान बेच दिया था और वे ऋषि कॉलोनी में किराए के मकान पर रहते थे। उनकी मौत के बाद दाह संस्कार करने वाला भी कोई नहीं है, हालांकि उनके ताऊ और उनके परिवार के लोगों को सूचना दी गई है।

Exit mobile version