रोहतक में डेंगू दस्तक दे चुका है। पिछले तीन दिनाें में तीन लाेगाें की जांच रिपाेर्ट में इसकी पुष्टि भी हो चुकी है। दो जगहों पर पॉजिटिव केस मिले भी 24 घंटे से ज्यादा समय बीत गया, लेकिन, नगर निगम ने अभी तक वहां फॉगिंग नहीं की। उल्टे ये कह दिया कि उन्हें फॉगिंग करने के लिए मात्र 10 लीटर दवा ही मिली है। ऐसे में काम कैसे शुरू कर सकते हैं। जबकि स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों का कहना है जो डिमांड नगर निगम की ओर से की गई थी वह उन्हें भिजवा दी गई है। अगर और दवा की जरूरत है तो डिमांड भेजे उन्हें मुहैया कराई जाएगी।
दवा की कोई कमी नहीं है। डीसी कैप्टन मनोज कुमार के आदेश के बाद भी दो विभाग एक होकर काम करने की बजाय आपस में तालमेल बिगाड़े हुए हैं। इस कारण जहां फॉगिंग नहीं हो रही है, वहीं शहर में हर दिन टीम को जांच के दौरान डेंगू का लार्वा मिल रहा है। अब तक 6 माेहल्लाें में 106 स्थानाें पर डेंगू का लार्वा मिल चुका है। सरकारी से लेकर प्राइवेट अस्पतालों तक प्रतिदिन संदिग्ध मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। जल्द ही दोनों विभागों ने सतर्कता के प्रयास न अपनाए तो शहर में डेंगू के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो सकता है।
सरकार की गाइड लाइन है कि अगर कहीं भी डेंगू का पॉजीटिव केस मिलता है तो उसके घर से पास के कम से कम 50 घरों तक फॉगिंग जरूर की जाए। बुधवार को प्रेमनगर और सेक्टर-2 में केस मिलने के बाद भी यहां पर फॉगिंग नहीं की गई। इन हालातों में शहर में डेंगू फैलने के आसार बढ़ गए हैं। क्योंकि कई दिन पहले बरसात बीत जाने के बाद भी शहर में 28 जगहों पर खाली प्लॉट या अन्य जगहों पर पानी जमा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने पिछले दो माह में घरों की चेकिंग करके 1138 जगहों पर लार्वा पाया है।
सीएमओ डॉ. अनिल बिरला ने बताया कि ऐसे मरीजों के लिए सिविल अस्पताल में 10 बेड रिजर्व कर लिए गए । अगर जरूरत पड़ी तो ओर भी बेड बढाए जाएंगे। विभाग के पास दवा की कोई भी कमी नहीं है।
मलेरिया विभाग से केवल 10 लीटर दवाई दी गई है। इससे फॉगिंग कैसे कर सकते हैं। पहले एक जगह शास्त्रीनगर में केस मिलने पर वहां के आसपास के घरों तक फॉगिंग की गई है। -सुंदर सिंह, मुख्य सफाई निरीक्षक, निगम।
दवाई का कोई इश्यू नहीं है। जितनी डिमांड की थी उतनी ही दवाई दे दी गई। अगर ओर अधिक की जरूरत है तो उतनी भी दे दी जाएगी। दवाई की कोई कमी नहीं है। – डॉ. अनिल बिरला, सीएमओ रोहतक।

