हरियाणा के टेक्सटाइल हब पानीपत और पड़ोसी जिले करनाल में व्यापारियों के साथ संगठित तरीके से करोड़ों रुपए की ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। शातिर ठगों ने खुद को रईस उद्यमी बताकर 29 व्यापारियों से करीब 1,11,11,476 रुपए का माल उधार लिया और फरार हो गए।
इस संबंध में तहसील कैंप थाना पुलिस ने 4 नामजद आरोपियों समेत पूरे गिरोह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111(2)(b) (संगठित अपराध) और 318(4) (धोखाधड़ी) के तहत केस दर्ज किया है।
फैक्ट्री में पहुंचकर बनाया भरोसा
मुख्य शिकायतकर्ता प्रेम कुमार (गाबा टेक्सटाइल), निवासी कृष्णा नगर, ने बताया कि 22 अप्रैल 2024 को चार युवक उनकी देशराज कॉलोनी स्थित फैक्ट्री में आए। उनके पहनावे, बोलचाल और बाहर खड़ी लग्जरी गाड़ियों को देखकर वे बड़े व्यापारी लगे। उन्होंने अपनी पहचान दीपक कपूर, प्रीत सिंह, राज रतन और राहुल कुमार के रूप में दी।
आरोपियों ने खुद को ओम ट्रेडर्स, नानक एंटरप्राइजेज, फर्निशिंग वाला और महादेव एंटरप्राइजेज का मालिक बताया और बड़े पैमाने पर बेडशीट्स खरीदने की बात कही। शुरुआत में 2,28,900 रुपए का सौदा तय हुआ।
चेक बाउंस कर रचते रहे साजिश
प्रेम कुमार के मुताबिक, पहले 81,900 रुपए का माल भेजा गया, जिसके बदले आरोपियों ने चेक दिया। बाद में दो और बिलों के जरिए माल सप्लाई किया गया, लेकिन बैंक में चेक लगाने पर वह बाउंस हो गया। आरोपियों ने खाते में बैलेंस न होने का बहाना बनाकर दूसरा चेक दिया, लेकिन वह भी बाउंस हो गया।
पेमेंट मांगने पर दी जान से मारने की धमकी
जब प्रेम कुमार भुगतान लेने के लिए सेक्टर-25 स्थित आरोपियों की कथित फैक्ट्री (नंबर 303) पर पहुंचे, तो वहां पहले से 4-5 हथियारबंद बदमाश मौजूद थे। उन्होंने साफ कहा कि पैसे नहीं मिलेंगे और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद शिकायतकर्ता वहां से किसी तरह जान बचाकर लौटे।
ऐसे काम करता था पूरा गिरोह
जांच में सामने आया कि यह गिरोह पहले बाजार में व्यापारियों की जानकारी जुटाता था। इसके बाद ब्रांडेड कपड़े पहनकर और महंगी गाड़ियों में पहुंचकर खुद को बड़े कारोबारी साबित करता था। भरोसा जीतने के बाद उधार में माल ले लेते और उसे बाजार में कम कीमत पर नकद बेचकर तुरंत गायब हो जाते थे।
4 नामजद आरोपी
पुलिस ने जिन चार मुख्य आरोपियों को नामजद किया है, उनमें दीपक कपूर (ओम ट्रेडर्स), प्रीत सिंह (नानक एंटरप्राइजेज), राज रतन (फर्निशिंग वाला) और राहुल कुमार उर्फ मानिक जैसवाल (महादेव एंटरप्राइजेज) शामिल हैं।
29 व्यापारियों से ठगी
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने 29 व्यापारियों को अपना शिकार बनाया। इनमें सबसे बड़ी ठगी समीर से 23 लाख रुपए की हुई। इसके अलावा अमन शर्मा, डिवाइन क्रिएशन, माधव मिगलानी, संजय जैन, नंदराम, अचिन भाटिया, रतन लाल, युक्ति पॉलीमर, गुलजार, जतिन बत्तरा, आयुष कपूर, हरमीत एंटरप्राइजेज, मदन ग्रोवर, संजय तनेजा, अजित कुमार, अशुल गर्ग, खुशी राम, प्रेम गाबा, दुआ हैंडलूम, जयपाल सिंह, हेमंत रोहिला, लिक्षित ट्रेडर्स, विनोद गोयल, लक्ष्य, शुभम, किशोर कुमार और अरुण भाटिया समेत कई व्यापारी शामिल हैं।
पुलिस जांच जारी
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। शुरुआती जांच में यह एक संगठित गिरोह की बड़ी साजिश मानी जा रही है, जिसमें करोड़ों रुपए की ठगी को अंजाम दिया गया।
