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रोहतक के सावन कृपाल रूहानी मिशन द्वारा 27वें रक्तदान शिविर का आयोजन, 260 यूनिट रक्त एकत्रित

सावन कृपाल रूहानी मिशन की रोहतक शाखा की ओर से गोहाना रोड़ पर स्थित कृपाल आश्रम में 21 जुलाई, 2024 को मानवता के कल्याण के लिए रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें 260 लोगों ने स्वैच्छिक रूप से रक्तदान किया, जोकि हम सबके लिए मानव-सेवा का एक जीता-जागता उदाहरण हैं।

मिशन द्वारा मानवता की सेवा के लिए पूरे देशभर में समय-समय पर रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जाता है ताकि जरूरतमंद लोगों को रक्त की पूर्ति हो सके।
शिविर में मिशन के प्रवक्ता ने बताया कि रक्तदान को महादान कहा गया है।

एक स्वस्थ व्यक्ति जिसकी उम्र 18 से 60 वर्ष के बीच है और अगर उसका वजन 50 किलो से अधिक है तो वह निःसंकोच होकर रक्तदान कर सकता है, जिससे कि उसे किसी भी प्रकार की कोई शारीरिक कमजोरी नहीं आती बल्कि जो व्यक्ति रक्तदान करते हैं उन्हें हार्ट-अटैक होने की संभावना बहुत ही कम हो जाती है।

इसके साथ-साथ रक्तदान करने से कैंसर व अन्य दूसरी जानलेवा बीमारियों के होने का खतरा भी कम हो जाता है। इसीलिए आज के दौर में युवा वर्ग रक्तदान के प्रति काफी जागरूक हो रहा है।

संत राजिन्दर सिंह जी महाराज के सान्निध्य में कार्यरत सावन कृपाल रूहानी मिशन में मानव-सेवा के कल्याण हेतु अनेक प्रकार के कार्य किये जाते हैं। जैसे समय-समय पर मिशन द्वारा मुफ्त मोतियाबिन्द ऑपरेशन शिविर व स्वास्थ्य जांच शिविरों का भी आयोजन किया जाता है तथा शारीरिक रूप से विकलांग भाई-बहनों को सहायतार्थ उपकरण भी वितरित किये जाते हैं।

इसके साथ-साथ मिशन की ओर से गरीब व बेसहारा बच्चों को आत्म-निर्भर बनाने के लिए संत राजिन्दर सिंह वोकेशनल टें्रनिंग सेंटर्स में अनेक प्रकार के कोर्स फ्री कराए जाते हैं और सीनियर्स सिटीज़न के लिए भी समय-समय पर अनेक प्रकार के कार्यक्रम चलाए जाते हैं। मिशन की पूरे भारतवर्ष में फैली अनेक शाखाओं में ऐलोपैथिक, होम्योपैथिक और आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी भी खोली गईं हैं, जिनमें सभी मरीजों का इलाज मुफ्त किया जाता है।

संत राजिन्दर सिंह जी महाराज आज विश्वभर में अनेक यात्राएं कर लाखों लोगों को ध्यान-अभ्यास की विधि सिखा रहे हैं, जिससे कि हम अपने मनुष्य जीवन के ध्येय जोकि अपने आपको जानना व पिता-परमेश्वर में लीन होना है, को इसी जीवन में पूरा कर सकते हैं।

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