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राइस मिल से 24 हजार क्विंटल धान गायब…AFSO और इंस्पेक्टर सस्पेंड

हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के पिहोवा स्थित चौधरी राइस मिल में धान के स्टॉक में भारी गड़बड़ी मिलने के मामले में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने पिहोवा में तैनात एएफएसओ (AFSO) जसबीर सिंह और इंस्पेक्टर रिंकू जांगड़ा को निलंबित कर दिया है। खास बात यह है कि जिन इंस्पेक्टर पर कार्रवाई हुई है, उन्हीं की ओर से राइस मिल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी।

विभागीय जांच में चौधरी राइस मिल में 24,318.75 क्विंटल धान की कमी पाई गई, जिसकी अनुमानित कीमत न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के अनुसार करीब 5.81 करोड़ रुपये आंकी गई है। पिछले सीजन में विभाग ने कस्टम मिलिंग के लिए मिल को करीब 39 हजार क्विंटल धान आवंटित किया था, जिसके बदले तैयार चावल भारतीय खाद्य निगम (FCI) को देना था।

जानकारी के अनुसार, 25 नवंबर को मुख्यालय की ओर से गठित टीम ने मिल का फिजिकल वेरिफिकेशन किया था। उस समय रिकॉर्ड और स्टॉक में कोई कमी नहीं मिली थी। लेकिन 17 मार्च को डीएफएससी कार्यालय के निर्देश पर एएफएसओ शाहाबाद राजीव सैनी और आईएफएस गौरव अरोड़ा की टीम ने दोबारा जांच की, जिसमें 24 हजार क्विंटल से अधिक धान कम पाया गया।

स्टॉक में भारी कमी सामने आने के बाद डीएफएससी कार्यालय के आदेश पर इंस्पेक्टर रिंकू जांगड़ा ने 17 मार्च को चौधरी राइस मिल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई थी। हालांकि बाद में विभागीय जांच में यह सवाल उठा कि इतनी बड़ी मात्रा में धान गायब होने की जानकारी समय रहते विभाग को क्यों नहीं मिली और निगरानी व्यवस्था कैसे विफल रही।

नियमों के अनुसार कस्टम मिलिंग के लिए दिए गए धान की निगरानी संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी होती है। हर 15 दिन में फिजिकल वेरिफिकेशन कर विभाग को रिपोर्ट भेजना अनिवार्य है। जांच में पाया गया कि नवंबर से मार्च के बीच निर्धारित पाक्षिक रिपोर्ट नियमित रूप से जमा नहीं कराई गई।

मामले में डीएफएससी नरेश कुमार ने 20 मार्च को दोनों अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर 2 अप्रैल को विभाग के निदेशक को शिकायत भेजी गई। विभागीय समीक्षा के बाद दोनों अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया।

हालांकि इंस्पेक्टर रिंकू जांगड़ा का कहना है कि उन्होंने नियमित रूप से फिजिकल वेरिफिकेशन रिपोर्ट विभाग को भेजी थी।

वहीं, भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) पिहोवा के प्रवक्ता प्रिंस वड़ैच ने बताया कि इस मामले को लेकर उन्होंने राज्यमंत्री राजेश नागर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा था। उनके अनुसार मंत्री के निर्देश के बाद विभाग ने कार्रवाई की है। किसान संगठन ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की भी मांग की है।

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