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इंदौर में 24 किन्नरों ने जहर खाया, चार की हालत गंभीर; सभी को अमवाय अस्पताल में भर्ती

इंदौर के नंदलालपुरा इलाके से 24 किन्नरों ने एक साथ जहर पीने का मामला सामने आया है । सभी को एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सभी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।दो गुटों में आपसी विवाद जहर पीने का कारण बताया जा रहा है।

एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश दंडोतिया ने बताया कि पंढरीनाथ थाना क्षेत्र में बुधवार शाम लगभग 24 किन्नरों के कोई पदार्थ पीने की सूचना मिली। प्रारंभिक जांच में यह ज्ञात हुआ की किन्नरों के फिनायल पीने की बात सामने आई है।

जहरीला पदार्थ किस कारण से पीया गया, इस संबंध में अभी स्थिति स्पष्ट नहीं हुई । पुलिस मामले की जांच मे जुटी है। सीएमएचओ को सभी प्रभावितों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए गए हैं।

सूचना मिलने पर एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया भी एमवायएच पहुंचे। उन्हें वहां के हालातों की जानकारी ली।एडिशनल डीसीपी दिशेष अग्रवाल ने बताया कि शाम के समय किन्नर समाज के डेरे में शोर शरबे की सूचना मिली थी। इसके बाद थाना प्रभारी पंढरीनाथ, एसपी सराफा और मैं बल के साथ मौके पर वहां पहुंचे। उन्होंने बताया कि स्थिति सामान्य होने पर इनके बयान लिए जायेंगे।आगे की कार्रवाई उसी के बाद की जाएगी।

एमवाय अस्पताल के बाहर चार किन्नर ने खुद पर पेट्रोल छिड़क कर आत्मदाह का प्रयास किया। पुलिस ने उनसे बोतल छीनकर मामले को शांत किया। अस्पताल में और पुलिस बल तैनात किया गया है।

किन्नरों के दो गुटों में संपत्ति को लेकर विवाद भी चल रहा है। यहां गादी को लेकर पायल और सीमा गुरु के लोग कई बार आमने-सामने आ चुके हैं। इस मामले में सीपी संतोष सिंह एसआईटी का गठन भी कर चुके हैं, लेकिन एसआईटी तीन महीने बाद भी खाली हाथ है।

पहले इस मामले में एसआईटी में मुख्य भूमिका डीसीपी ऋषिकेश मीणा निभा रहे थे, लेकिन उनके ट्रांसफर होने के बाद एसआईटी ने आगे मामलों में जांच नहीं की। कुछ दिन पहले भी किन्नरों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाने की सुचना मिली थे। वहीं अन्नपूर्णा थाने का घेराव भी किया था।

इससे पहले नंदलालपुरा क्षेत्र की एक किन्नर ने दो मीडियाकर्मियों पर रेप का केस दर्ज कराया था। पंढरीनाथ थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म, मारपीट और धमकी देने की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, किन्नर ने अपनी शिकायत में बताया कि 30 मई 2025 को उसके डेरे के गुरु के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी। इसके बाद 12 जून को आरोपी पंकज जैन अपने साथी अक्षय के साथ डेरे पर आया। आरोप है कि पंकज ने किन्नर पर जबरन संबंध बनाने का दबाव डाला और मना करने पर समाज को बदनाम करने और पुलिस कार्रवाई में एनकाउंटर कराने की भी धमकी दी।

किन्नर का कहना है कि पंकज ने उसे पहली मंजिल पर ले जाकर जबरन संबंध बनाए और मारपीट भी की। बाद में धमकी दी गई कि यदि उसने यह बात किसी को बताई तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। घटना के बाद पीड़ित किन्नर ने अपने गुरु को जानकारी दी और मंगलवार को थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दी।

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