रोहतक जिला परिषद की चेयरपर्सन मंजू हुड्डा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए शपथ पत्र देने वाले दो पार्षदों अपना नाम वापस ले लिया है। रोहतक के वार्ड नंबर 3 के जिला पार्षद मांगे राम ने डीसी धीरेंद्र खड़गटा से मिलकर अपना नाम वापस लिया है। इससे पहले जिला पार्षद सोनू पिलाना भी अपना नाम वापस ले चुके हैं।
बता दें कि पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ गढ़ी सांपला किलोई विधानसभा से भाजपा उम्मीदवार बनने के बाद मंजू हुड्डा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के लिए डीसी को शपथपत्र दिए गए थे। वहीं विधानसभा चुनाव होने के बाद तीन बार अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग के लिए तिथियों का निर्धारण किया गया, लेकिन वोटिंग एक दफा भी नहीं हो पाई। वहीं मंजू हुड्डा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लोने के लिए 10 पार्षदों ने शपथ पत्र दिए थे, जिनमें से 2 पार्षद अपने नाम वापस ले चुके हैं।
जिला परिषद की चेयरपर्सन मंजू हुड्डा ने कहा कि जिला पार्षद मांगे राम के अविश्वास प्रस्ताव की कार्यवाही से अपना नाम वापस लेने के निर्णय का स्वागत करती हूं। वे रोहतक जिला परिषद के सबसे वरिष्ठ, अनुभवी और सम्मानित सदस्यों में से एक हैं। आशा करती हूं कि मेरे व जिला परिषद परिवार के साथ बने रहने का उनका निर्णय आम जनता के हित में रहेगा। साथ ही कहा कि वे भाजपा की सबका साथ-सबका विकास की नीति पर चलते हुए सभी वार्ड के गांवों में सार्वजनिक विकास कार्य निष्पक्ष तरीके से किए जाएंगे।
जिला परिषद चेयरपर्सन व विपक्षी जिला पार्षद द्वारा दायर मामला हरियाणा सरकार के आयुक्त एवं सचिव, विकास एवं पंचायत चंडीगढ़ की अदालत में अंतिम बहस के लिए लंबित था। कुछ अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण विपक्षी वकील उपस्थित नहीं हो सके और अब उक्त मामले में अंतिम बहस और आदेश के लिए 3 दिसंबर की तिथि निर्धारित की गई है।

