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बहादुरगढ़ में बराही रेलवे फाटक बंद न होता तो इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के प्रदेश अध्यक्ष नफे सिंह राठी की जान बच सकती थी। उनकी रविवार (25 फरवरी) शाम गोली मारकर हत्या कर दी गई। उनके ड्राइवर ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उसने शीशे में देख लिया था कि सफेद रंग की कार उनका पीछा कर रही है। शक होने पर उसने गाड़ी की स्पीड तेज कर दी। मगर, आगे बराही फाटक बंद मिला। जैसे ही फॉर्च्यूनर रोकी तो बदमाश उसी सफेद कार से उतरे और ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी। जिसमें नफे सिंह राठी की फॉर्च्यूनर में ही मौत हो गई।

राठी के साथ उनके पार्टी कार्यकर्ता जयकिशन की मौत हुई। वहीं गनमैन संजीत और ड्राइवर संजय उर्फ राकेश की हालत गंभीर बनी हुई है।नफे सिंह राठी की उम्र लगभग 65 साल थी। उनके दो बेटे हैं जिनमें नाम भूपेंद्र और जितेंद्र हैं। इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला ने राठी को दो साल पहले ही पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया था।

ड्राइवर संजय ने पुलिस को बताया कि रविवार शाम करीब सवा 5 बजे बराही फाटक के करीब पहुंचे। तब मैंने अपनी गाड़ी के शीशे से देखा कि एक सफेद रंग की कार काफी देर से हमारा पीछा कर रही है। मुझे उसमें से कुछ आवाजें भी आ रहीं थी। मुझे शक हुआ कि वे हमारा पीछा कर रहे हैं। मैंने गाड़ी की स्पीड बढ़ा दी।

मैं चाहता था कि तेजी से घर पहुंच जाएं। जैसे ही हम बराही फाटक पर पहुंचे तो वह बंद मिला। इस वजह से गाड़ी रोकनी पड़ी। तभी उसी कार से 5 लड़के हथियारों के साथ उतरे और नफे सिंह राठी को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। पीछे गनमैन बैठा था, इसलिए उस पर भी गोलियां चलाई। फिर हमलावर मेरे पास आए तो कहा कि तुझे जिंदा छोड़ रहे हैं, घर जाकर बता देना।

पुलिस ने ड्राइवर के बयान पर भाजपा नेता नरेश कौशिक, कर्मबीर राठी, रमेश राठी, सतीश राठी, गौरव राठी, राहुल व कमल और 5 अन्य आरोपियों के खिलाफ IPC की धारा 302, 307, 147, 148, 149, 120बी और आर्म्स एक्ट के तहत FIR दर्ज की गई है। पुलिस की शुरूआती जांच के मुताबिक कातिलों ने सिर्फ 2 मिनट में पूरी वारदात को अंजाम दिया। उनके पास हाईटेक हथियार थे। जिनकी वजह से ताबड़तोड़ 40 राउंड फायरिंग कर दी। वे तब तक राठी पर गोलियां चलाते रहे, जब तक कि उनकी गाड़ी में ही मौत नहीं हुई। डॉक्टर ने भी पुष्टि की कि राठी की अस्पताल लाने से पहले ही मौत हो चुकी थी।

नफे सिंह राठी का करीब एक साल पहले शस्त्र लाइसेंस सस्पेंड कर दिया गया था। उस समय राठी के बेटे नगर पार्षद जितेंद्र राठी ने अपने और पिता के लाइसेंस निलंबित करने को नाजायज बताया था। साथ ही सरकार से परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की गई थी। जितेंद्र राठी ने उस दौरान भाजपा नेता कर्मबीर राठी पर प्लाट विवाद में गंभीर आरोप लगाए थे।

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