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“म्हारी सड़क ऐप” की शिकायतें दबाने पर 19 इंजीनियरों पर गिरी गाज; सीएम सैनी ने दिए कार्रवाई के आदेश, बोले- लापरवाही बर्दाश्त नहीं

हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने ‘म्हारी सड़क ऐप’ की कुछ शिकायतों को बिना पूर्ण समाधान के बंद करने और शिकायतों का ठीक से निपटान न करने पर कार्रवाई की। उन्होंने विभिन्न विभागों के संबंधित 19 कार्यकारी अभियंताओं (इंजीनियरों) पर विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इनमें पीडब्ल्यूडी के 2, एचएसएएमबी के 6, एसएसआईआईडीसी के 2, जिला परिषद का 1, यूएलबी के 5 और एसएसवीपी के 3 कार्यकारी अभियंता शामिल हैं। इसके अलावा, यह भी निर्देश दिए कि जो ठेकेदार तय समय सीमा में शिकायतों का समाधान नहीं कर रहे हैं, संबंधित विभाग उनके खिलाफ भी कार्रवाई करें। सीएम ने यह निर्देश आज चंडीगढ़ में ‘म्हारी सड़क ऐप‘ पर आई शिकायतों को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता के दौरान दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को जो भी कार्य दिया जाता है या लोगों की कोई शिकायत आती है, तो उसका समाधान धरातल पर शत प्रतिशत दिखना चाहिए।

सीएम सैनी ने कहा कि अधिकारी आम जनता द्वारा ऐप पर भेजी गई सड़कों की शिकायतों के पूर्ण समाधान के बाद ही शिकायत को बंद करें, यदि किसी शिकायत को संबंधित अधिकारी ने बिना समाधान के बंद किया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करे। साथ ही, प्रदेश की सड़कों पर सफेद पट्टी व साइन बोर्ड लगवाने भी सुनिश्चित किए जाए। सीएम ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि म्हारी सड़क एप पर शिकायत आते ही उसको तय समय सीमा में पूरा किया जाए ताकि जनता को किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े। यदि कोई संबंधित अधिकारी शिकायत का समय पर समाधान नहीं करता या गलत जानकारी देता है, तो उसके खिलाफ संबंधित विभाग सख्त कार्रवाई करे।

उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि म्हारी सड़क ऐप की जानकारी और डाउनलोड करने के लिए लोगों को ज्यादा से ज्यादा विभिन्न माध्यमों से जागरूक करें, ताकि सड़क से संबंधित समस्या को लेकर वे ऐप को उपयोग कर सकें। इसके अलावा, सड़कों के गड्ढों को ठीक प्रकार से भरा जाए, इसको लेकर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सीएम ने यह भी निर्देश दिए कि छोटी व बड़ी शिकायतों का अलग-अलग वर्गीकरण कर तय समय सीमा में निपटारा करना भी सुनिश्चित किया जाए। साथ ही ऐप पर जो नागरिक गड्ढों की फोटो डालकर जानकारी देता है, तो उससे बात करना भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंनें ऐप के संबंध में फील्ड में कार्यरत अधिकारियों को प्रशिक्षण भी देने के निर्देश दिए हैं, ताकि उन्हें ऐप के संचालन की सही जानकारी मिल सके।इसके अलावा, जिस विभाग की सड़कों की मैपिंग अभी तक पूरी नहीं हुई, वे मैपिंग का कार्य भी जल्द करें। इससे भविष्य में उस सड़क पर कार्य करना आसान होगा। इसके अतिरिक्त, ऐप पर एक सेल अलग से बनाकर एनएच की सड़कों की शिकायतों को उस पर डाला जाए।

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