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ज्यादा ईयरफोन यूज करने से बेहरा हुआ 18 साल का लड़का, तुरंत ये आदत छोड़ने में ही है फायदा

आजकल की लाइफस्टाइल में ईयरफोन और हेडफोन का अहम रोल हो या है मूवी देखनी हो या अपनी पसंद का कोई सॉन्ग सुनना हो लगभग हर कोई इसका इस्तेमाल करता है। कुछ लोग तो इसके बिना रह ही नहीं सकते। लेकिन इस सब के बीच हम यह भूल जाते हैं कि यह हमारे स्वास्थ्य के लिए कितना खतरनाक है। हाल ही में ईयरफोन ने एक लड़के का सबकुछ बार्बाद कर दिया।

गोरखपुर से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुन आप ईयरफोन और हेडफोन इस्तेमाल करने से पहले सौ बार सोचेंगे। यहां 18 साल का लड़का ईयरफोन शेयर करने के चलते बहरा हो गया है। उसे क्या मालूम था कि जिस ईयरफोन को वह रोजाना इस्तेमाल करता है वह उसकी जिंदगी में इतना बड़ा तूफान ले आएगा। यह मामला सामने आने के बाद सभी को अलर्ट रहने की सलाह दी जा रही है। 

खबरों की मानें तो 18 साल का लड़का हर दिन करीब 8-10 घंटे ईयरफोन  का इस्तेमाल करता था। कई बार तो वह अपने दोस्तों का ईयरफोन भी यूज कर लेता था।  शुरू-शुरू में उसके कानों में दर्द की समस्या हुई, जिसे उसने नजरअंदाज कर दिया। जब समस्या ज्यादा बढ़ गई तो चेकअप करवाने पर उसे पता चला कि ईयरफोन के चलते उसके सुनने की क्षमता खत्म हो गई है। डॉक्टर्स का कहना है कि ईयरफोन शेयर करने से उसके कानों में इंफेक्शन हो गया है। 

जब वह ईयरफोन लगाता तो उसके कान से सुनाई ही नहीं पड़ता था, कान में बैक्टीरिया बढ़ने के कारण सुनाई देना काफी कम हो गया। दो सर्जरी करने के बाद भी उसे आराम नहीं मिला,  इसके बाद उसे दिल्ली ले जाया गया जहां इंप्लांट लगाकर उसकी सामान्य सुनने की क्षमता सही की गई। डाॅक्टरों का कहना है कि घंटों तक एयर फोन लगाए रखने से कानों की नसों पर दबाव पड़ने लगता है जिससे नसों में सूजन की समस्या बढ़ जाती है.

क स्टडी के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति 2 घंटे से ज्यादा समय के लिए 90 डेसीबल से अधिक आवाज में गाना सुनते हैं तो वह बहरेपन का शिकार होने के अलावा कई और बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं। कानों की सुनने की क्षमता सिर्फ 90 डेसीबल होती है जो लगातार गाने सुनने से समय के साथ 40 से 50 डेसीबल तक कम हो जाती है, जिसकी वजह से व्यक्ति को दूर की आवाज सुनाई नहीं देती। 

कई बार लोग एक दूसरे से हेडफोन एक्सचेंज भी करते हैं, ऐसा करने से ईयरफोन स्पंज के जरिए बैक्टीरिया एक इंसान से दूसरे इंसान में चले जाते हैं, ऐसे में कान में इंफेक्शन की संभावना रहती है। ऐसे में ईयरफोन एक्सचेंज करने से बचें अगर करना भी पड़े तो यूज से पहले ईयर स्पंज का इस्तेमाल करें। 

-फोन पर बात करते समय ईयरफोन के बदले स्पीकर का इस्तेमाल करें।

-किसी के साथ भी अपने ईयरफोन को शेयर न करें। इससे संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।

-ईयरफोन को बहुत ज्यादा कानों के अंदर एडजस्ट करने की कोशिश न करें।

-1 घंटे से ज्यादा ईयरफोन का इस्तेमाल न करें और कम वॉल्यूम पर लगाकर सुनें।

– हमेशा कंपनी के ईयरफोन्स हो या हेडफोन  यूज करें। लोकल डिवाइस को अवॉइड करना बेहतर है।

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