रोहतक, 18 सितंबर। हृदयाघात या कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट जिंदगी और मौत के बीच का अंतर तय कर सकते हैं। ऐसे समय में तुरंत दी गई सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटैशन) किसी की जान ब170 students learned CPR at MDU; said
चाने में अहम भूमिका निभा सकती है। इसी उद्देश्य से महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में शुक्रवार को सीपीआर जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। होली हार्ट अस्पताल, छात्र कल्याण कार्यालय, यूथ रेड क्रॉस, यूआईएचएमएस, यूनिवर्सिटी आउटरीच और जनसम्पर्क कार्यालय के सहयोग से हुए कार्यक्रम में करीब 170 विद्यार्थियों ने सीपीआर की तकनीक सीखी।
कार्यक्रम का उद्घाटन कुलसचिव प्रो. संदीप बंसल ने किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में सेवा भाव होना जरूरी है। आपात स्थिति में सीपीआर जैसी प्राथमिक चिकित्सा की जानकारी किसी व्यक्ति का जीवन बचाने में उपयोगी साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण युवाओं को सामाजिक रूप से जिम्मेदार बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
होली हार्ट अस्पताल की निदेशिका डा. मयंका बत्रा ने कहा कि बदलती जीवनशैली के कारण हृदय संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। घर, ऑफिस, जिम, खेल मैदान या सार्वजनिक स्थान पर यदि किसी व्यक्ति को अचानक कार्डियक अरेस्ट होता है तो एंबुलेंस या चिकित्सकीय सहायता पहुंचने तक सीपीआर देना बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है।
कार्यक्रम की शुरुआत निदेशक जनसंपर्क सुनित मुखर्जी के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने प्रतिष्ठित कार्डियोलॉजिस्ट डा. आदित्य बत्रा को श्रद्धांजलि अर्पित की और विद्यार्थियों से सीपीआर प्रशिक्षण लेकर हेल्थ वालंटियर बनने का आह्वान किया। आभार प्रो. अंजू धीमान ने जताया।
होली हार्ट अस्पताल के मुख्य ट्रेनर राजबीर सिंह ने विद्यार्थियों को सीपीआर की व्यावहारिक बारीकियां सिखाईं। राहुल और अरुण मलिक ने सहयोग किया।
कार्यक्रम में यूआईएचएमएस निदेशक प्रो. मुनीष गर्ग, डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. सपना गर्ग, प्रो. मधु आनंद, प्रो. सर्वदीप कोहली, प्रो. राजकुमार, प्रो. हरीश कुमार, प्रो. सुरेंद्र यादव, प्रो. दीप्ति हुड्डा, डॉ. शशि रश्मि, डा. आनंद सिंह, डा. बिन्दु अहलावत, डा. मीनू भान, डा. रेखा ढींगरा समेत अन्य शिक्षक मौजूद रहे। वाईआरसी वालंटियर्स के साथ यूआईएचएमएस, मनोविज्ञान, पत्रकारिता एवं जनसंचार, यूआईईटी सहित विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने प्रशिक्षण लिया।
