रोहतक के गांव बलियाना में एक किशोर ने मां के डाटने से तंग होकर फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सोमवार सुबह गांव वालों ने किशोर का शव खेल स्टेडियम के बाद पेड़ पर फांसी के फंदे से लटकता हुआ मिला। जिसकी सूचना पुलिस को परिवार वालों को व पुलिस को दी गई।
मृतक की पहचान गांव बलियाना निवासी करीब 15 वर्षीय अंकित के रूप में हुई है। जो घर पर ही रहता था और रविवार रात तक ठीक था। रात को अपने घर से ठीक-ठाक गया था, लेकिन बाद में गांव के खेल स्टेडियम के पास एक पेड़ पर रस्सी से फांसी का फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
मृतक के पिता सतीश ने बताया कि उसको तीन बच्चे हैं। दो बेटे व एक बेटी। वह मेहनत मजदूरी करके अपने तीनों बच्चों का पालन-पोषण करता था। हालांकि अंकित फिलहाल पढ़ाई नहीं करता था। इसलिए घर पर ही रहता। दिन के समय में गांव में ही घूमता रहता और समय व्यक्ति करता था।
मृतक के पिता सतीश ने बताया कि अंकित का उसके छोटे भाई के साथ आपस में किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था। इसी दौरान उनकी मां भतेरी देवी ने दोनों को समझाया और डाट मार दी। उस समय दोनों भाई शांत भी हो गए। सामान्य की तरह दोनों अलग-अलग कर दिए, ताकि झगड़ा ना करें।
सतीश ने बताया कि अंकित कई बार अपने ताऊ के पास जाकर भी रात को सो जाता था। रविवार रात को अंकित घर से ठीक-ठाक गया था। उन्होंने सोचा की रात को अंकित अपने ताऊ के पास चला गया होगा। इसलिए वे भी सो गए। लेकिन इसी बीच अंकित अपने ताऊ के पास जाने की बजाए खेल स्टेडियम के पास जाकर पेड़ पर फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर दी।
उन्होंने बताया कि सोमवार को सुबह ग्रामीण घूमने के लिए गए तो उन्होंने अंकित को फांसी के फंदे पर लटका हुआ देखा। उसने खेल स्टेडियम के पास एक पीपल का पेड़ पर रस्सी के फंदा लगाकर फांसी खाई हुई थी। घटना की जानकारी परिवार वालों को दी। सूचना पाकर परिजन भी मौके पर पहुंच गए।
IMT पुलिस थाना प्रभारी सुरेश कुमार ने बताया कि मृतक अंकित के पिता के बयान दर्ज किए हैं। जिसने बताया कि अंकित का छोटे भाई के साथ झगड़ा होने पर उसकी मां भतेरी ने डाट मार दी थी। जिसके बाद अंकित ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बयानों के आधार पर पुलिस ने इत्फाकिया कार्रवाई की है।

