हरियाणा में एफसीआर (फाइनेंशियल कमिश्नर रेवेन्यू) ने 13 जिला राजस्व अधिकारियों (DRO) के तबादले किए हैं। इनमें कांग्रेस नेता कैप्टन अजय यादव के भतीजे रणविजय सुलतानिया का नाम भी शामिल है, जिन्हें पानीपत से हटाकर नूंह भेजा गया है। रणविजय के खिलाफ हाल ही में भ्रष्टाचार के एक पुराने मामले में एफआईआर दर्ज हुई थी।
रोहतक के DRO कनब लाकड़ा को पानीपत, झज्जर के DRO प्रमोद चहल को रोहतक, फरीदाबाद के DRO सुशील शर्मा को भिवानी, गुरुग्राम म्युनिसिपल कॉरर्पोशन से मनबीर को झज्जर, हिसार के DRO विजय कुमार को गुरुग्राम, अंबाला के DRO विकास को फरीदाबाद, राजेश ख्यालिया को अंबाला, स्टेशन का इंतजार कर रहे DRO नरेश को हिसार ट्रांसफर किया गया है।
नूंह के DRO जोगिंद्र शर्मा को अर्बन लोकल बॉडी पंचकूला, HEPC से DRO हर्ष खनगवाल को डायरेक्टर कंसोलिडेटेशन पंचकूला, अर्बन एस्टेट फरीदाबाद से DRO बिजेंद्र राणा को एसओ जुई कैनाल भिवानी, फतेहाबाद के DRO श्यामलाल को गुरुग्राम म्यूनिसिपल ऑफिस और पानीपत के DRO रणविजय सुलतानिया को नूंह भेजा गया है।


हरियाणा के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता कैप्टन अजय सिंह यादव के भतीजे व जिला राजस्व अधिकारी (DRO) रणविजय सिंह सुल्तानिया भ्रष्टाचार केस में फंस गए हैं। रणविजय सहित 27 लोगों पर किसानों की मुआवजा राशि में गोलमाल करने के आरोप में फतेहाबाद में मामला दर्ज किया गया है।
इस केस में रणविजय के अलावा नायब तहसीलदार, पटवारी, कानूनगो को भी मुख्य आरोपी बनाया गया है। रणविजय सुल्तानिया वर्तमान में पानीपत में DRO पद पर तैनात थे, उनके पास सोनीपत का भी अतिरिक्त कार्यभार है। अब नूंह भेजा गया है।
CM फ्लाइंग ने फतेहाबाद जिले के 3 गांव में मुआवजा वितरण की जांच शुरू की थी। जांच पूरी होने के बाद CM फ्लाइंग के SI राजेश कुमार की शिकायत पर फतेहाबाद सिटी थाने में यह रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। बता दें कि रणविजय, कैप्टन अजय यादव के बड़े भाई स्व. अजीत सिंह के बेटे हैं। कैप्टन अजय यादव का कहना है कि मुझे इस मामले की कोई जानकारी नहीं है। रणविजय को ही पता होगा।
