कोरोना वायरस जैसे ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) के गुरुवार को 2 केस मिले हैं। पहला मामला उत्तर प्रदेश का है। लखनऊ में 60 साल की महिला पॉजिटिव पाई गई है।
वहीं, गुजरात के हिम्मतनगर में 7 साल के एक बच्चे की HMPV रिपोर्ट पॉजीटिव आई है। हालांकि, यह रिपोर्ट प्राइवेट अस्पतला की लैब की है। सरकारी रिपोर्ट शाम तक आएगी। देश में वायरस से जुड़े कुल 11 मामले हो गए हैं। महाराष्ट्र में 3, गुजरात, कर्नाटक और तमिलनाडु में 2-2, पश्चिम बंगाल और यूपी में एक-एक केस सामने आए हैं।
HMPV केस सामने आने के बाद राज्यों ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। पंजाब में बुजुर्गों और बच्चों को मास्क पहनने की सलाह दी गई है। इधर गुजरात में अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड बनाए जा रहे हैं। हरियाणा में भी स्वास्थ्य विभाग को HMPV केसेस पर निगरानी रखने के आदेश दिए गए हैं।
HMPV संक्रमित होने पर मरीजों में सर्दी और कोविड-19 जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। इसका सबसे ज्यादा असर छोटे बच्चों पर देखा जा रहा है। इनमें 2 साल से कम उम्र के बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। केंद्र ने राज्यों को ‘इन्फ्लूएंजा लाइक इलनेस’ और ‘सीवर एक्यूट रेस्परेट्री इश्यूज’ जैसी सांस की बीमारियों की निगरानी बढ़ाने और HMPV के बारे में जागरूकता फैलाने की सलाह दी है।
सरकार ने कहा कि भारत में ICMR और IDSP के जरिए इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (ILI) और इन्फ्लूएंजा के लिए गंभीर तीव्र श्वसन बीमारी (SARI) के लिए मजबूत निगरानी सिस्टम मौजूद है। दोनों एजेंसियों के आंकड़ों से पता चलता है कि ILI और SARI मामलों में कोई असामान्य बढ़त नहीं हुई है।
हालांकि यह भी कहा गया कि एहतियात के तौर पर ICMR, HMPV की टेस्टिंग करने वाली लैब की संख्या बढ़ाएगा। साथ ही पूरे साल HMPV के मामलों पर नजर रखेगा।

